शहीद हवलदार बलजीत सिंह की पत्नी को मरणोपरांत सेना मेडल से किया गया सम्मानित

  •  निधि अविनाश
  •  जनवरी 13, 2021   17:54
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शहीद हवलदार बलजीत सिंह की पत्नी को मरणोपरांत सेना मेडल से किया गया सम्मानित

35 साल के शहीद हवलदार बलजीत सिंह करनाल के गांव डिंगर माजरा के रहने वाले थे। साल 2019 में शहीद हवलदार बलजीत सिंह को मरणोपरांत सेना मेडल से सम्मानित किया गया। बता दें कि वीरता का यह सम्मान शहीद हवलदार बलजीत सिंह की पत्नी अरुण रानी को बुधवार को परेड के दौरान दिया गया।

आपने वीर नारियों को तो देखा होगा जो अपने वीर पति की ओर से सम्मान प्राप्त करने के लिए कदम बढ़ाते हैं जिन्होंने कर्तव्य की पंक्ति में सर्वोच्च बलिदान देने का विकल्प चुना। क्या आपने कभी दो मौकों पर मरणोपरांत सम्मान पाने वाली वीर नारी देखी है। अगर नहीं तो, आज हम आपको बताएंगे ऐसी ही गर्व के क्षण के बारे में। हवलदार बलजीत को अक्टूबर 2018 में आतंकवादियों के खिलाफ अपनी शानदार भूमिका के लिए सेना पदक (वीरता) से सम्मानित किया गया, और फिर फरवरी 2019 में एक सेशन के लिए, जिसमें उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। वीर नारी को इससे पहले अक्टूबर 2018 सेशन के लिए एसएम (जी) से सम्मानित किया गया था और आज शहीद हवलदार बलजीत सिंह की पत्नी ने फरवरी 2019 में अपने पति के सर्वोच्च बलिदान के लिए सम्मान प्राप्त किया।

हवलदार बलजीत सिंह

35 साल के शहीद हवलदार बलजीत सिंह करनाल के गांव डिंगर माजरा के रहने वाले थे। साल 2019 में शहीद हवलदार बलजीत सिंह को मरणोपरांत सेना मेडल से सम्मानित किया गया। बता दें कि वीरता का यह सम्मान शहीद हवलदार बलजीत सिंह की पत्नी अरुण रानी को बुधवार को परेड के दौरान दिया गया। 12 फरवरी 2019 को शहीद बलजीत सिंह ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले के काकापोरा में डटकर आतंकवादियों को पटकनी दी और साथ में अपने साथियों की जान भी बचाई। इस मुठभेड़ में शहीद बलजीत सिंह 50 राष्ट्रीय राइफल में हवलदार के पद पर तैनात थे और इसमें कई आतंकवादियों की मौत भी हुई थी। 





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अंडमान में कोविड-19 के तीन नए मामले, कुल मामले बढ़कर 4,991 हुए

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   10:50
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अंडमान में कोविड-19 के तीन नए मामले, कुल मामले बढ़कर 4,991 हुए

अंडमान में कोविड-19 के दो नए मामले सामने आए है। अधिकारी ने बताया कि पिछले 24 घंटे में संक्रमण से तीन और लोग स्वस्थ हुए हैं। उन्होंने बताया कि द्वीपसमूह में वर्तमान में 29 मरीजों का उपचार चल रहा है जबकि 4,900 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं।

पोर्ट ब्लेयर।अंडमान निकोबार द्वीप समूह में कोविड-19 के दो नए मामले सामने आने से संक्रमितों की संख्या बृहस्पतिवार को बढ़कर 4,991 हो गयी। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि पिछले 24 घंटे में संक्रमण से तीन और लोग स्वस्थ हुए हैं। उन्होंने बताया कि द्वीपसमूह में वर्तमान में 29 मरीजों का उपचार चल रहा है जबकि 4,900 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं।

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संक्रमण से अब तक 62 लोगों की मौत हुई है। अधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने कोविड-19 के लिए अब तक 2.08 लाख नमूनों की जांच की है।





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दिग्विजय सिंह और उमा भारती के पड़ोसी बने सिंधिया, भोपाल में हुआ बंगला आवंंटित

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 21, 2021   10:45
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दिग्विजय सिंह और उमा भारती के पड़ोसी बने सिंधिया, भोपाल में हुआ बंगला आवंंटित

सिंधिया को जिस जगह बंगला मिला है वहीं पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और उमा भारती का भी बंगला है। सिंधिया अब इन दिग्गज नेताओं के पड़ोसी बन गए है।

भोपाल। राजधानी में लंबे समय से ठिकाने की तलाश कर रहे राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की तलाश आखिरकार खत्म हो गई है। प्रदेश की शिवराज सरकार ने उन्हें सरकारी बंगला आवंटित किया है। सिंधिया को जिस जगह बंगला मिला है वहीं पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और उमा भारती का भी बंगला है। सिंधिया अब इन दिग्गज नेताओं के पड़ोसी बन गए है।

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दरअसल कमलनाथ सरकार के समय से ही सिंधिया भोपाल में सरकारी आवास की मांग कर रहे थे, जो पूरी नहीं की गई थी। जबकि शिवराज सरकार से अनुरोध करने पर उन्हें श्यामला हिल्स पर बी-5  बंगला आवंटित कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक सिंधिया को जो बंगला आवंटित किया गया है, वहां पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल रहते थे। इसी लाइन में आगे उमा भारती और दिग्विजय सिंह का भी आवास है।

 

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बता दे कि बंगला आवंटन के अलावा सिंधिया ने हाल ही में ग्वालियर व्यापार मेले में टैक्स में छूट की मांग को लेकर भी मुख्यमंत्री शिवराज को पत्र लिखा था। जिस पर मुख्यमंत्री की तरफ से सहमति दे दी गई है। अब माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज और ज्योतिरादित्य सिंधिया 30 जनवरी को ग्वालियर में लगने वाले मेले का उद्घाटन कर सकते हैं।





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मुंबई में कोविड-19 टीकाकरण में बाधक बन रहा कोविन ऐप, 52 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों को ही लग सका टीका

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   10:27
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मुंबई में कोविड-19 टीकाकरण में बाधक बन रहा कोविन ऐप, 52 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों को ही लग सका टीका

बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों ने कम लोगों द्वारा टीका लगवाने के लिए फिर से कोविन ऐप को जिम्मेदार ठहराया जो केंद्र सरकार ने टीकाकरण प्रबंधन के उद्देश्य से विकसित किया है।

मुंबई। मुंबई में कोविड-19 टीकाकरण के तीसरे दिन बुधवार को 3,300 स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन इनमें से केवल 52 प्रतिशत को ही टीका लगाया जा सका। अधिकारियों ने बताया कि कोविन ऐप में दिक्कतों के चलते ऐसा हुआ। उन्होंने कहा कि अब पंजीकृत कर्मियों के लिए सीधे आकर टीका लगवाने की अनुमति दे दी गई है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के अधिकारियों ने कम लोगों द्वारा टीका लगवाने के लिए फिर से कोविन ऐप को जिम्मेदार ठहराया जो केंद्र सरकार ने टीकाकरण प्रबंधन के उद्देश्य से विकसित किया है। तकनीकी कारणों के मद्देनजर बीएमसी ने पंजीकृत स्वास्थ्य कर्मियों को सीधे आकर टीका लगवाने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। 

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आंकड़ों के अनुसार बुधवार को केईएम अस्पताल में 362, डॉ बाबासाहेब अंबेडकर अस्पताल में 306 और रजवाड़ी अस्पताल में 236 स्वास्थ्य कर्मियों ने कोविड-19 का टीका लगवाया। इन सभी को सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित कोविशील्ड टीका दिया गया और जे जे अस्पताल में 15 स्वास्थ्य कर्मियों को कोवेक्सीन टीका लगाया गया। लगातार तीसरे दिन जे जे अस्पताल में सबसे कम लोगों ने टीका लगवाया। बीएमसी में कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मंगला गोमारे ने पीटीआई-से कहा कि कोविन ऐप में अब भी समस्याएं आ रही हैं, हालांकि कुछ तकनीकी खामियों को दूर किया गया है। उन्होंने कहा कि बीएमसी ने निर्णय लिया है कि अब पंजीकृत स्वास्थ्य कर्मियों को सीधे आकर टीका की खुराक लेने की अनुमति दी जाएगी भले ही वह उस दिन टीका लगवाने वालों की सूची में शामिल न हों।





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