कर्ज की नाव में डूबती शिवराज सरकार, फिर ले रही है 2 हजार करोड़ का कर्ज

कर्ज की नाव में डूबती शिवराज सरकार, फिर ले रही है 2 हजार करोड़ का कर्ज

शिवराज सरकार एक बार फिर 2 हजार करोड़ का नया कर्ज़ लेने जा रही है। सरकार पर लगातार कर्ज बढ़ते ही जा रहा है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में सूबे की शिवराज सरकार एक बार फिर 2 हजार करोड़ का नया कर्ज़ लेने जा रही है। सरकार पर लगातार कर्ज बढ़ते ही जा रहा है। अब वित्त विभाग ने 2 हजार करोड़ रुपए का नया कर्ज लेने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

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आपको अवगत करा दें कि राज्य सरकार पर अब तक 2 करोड़ 53 लाख 335 करोड़ का कर्ज हो चुका है। इसमें 1 लाख 54 हजार करोड़ का कर्ज खुले बाजार का है। और इसके साथ ही शेष कर्ज में सरकार को पावर बांड सहित अन्य बांड का कंपनशेशन का 7360 करोड़, वित्तीय संस्थाओं की देनदारी 10,901 करोड़, केन्द्र सरकार के ऋण और इसके साथ ही अग्रिम के 31 हजार 40 करोड़ सहित अन्य दायित्व 20 हजार 220 करोड़ रुपए शामिल हैं।

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दरअसल सरकार इस कर्ज से कोरोना के चलते बिगड़ी आर्थिक स्थिति को सुधारने के हरसंभव प्रयास कर रही है। सरकार ने यह भी तय किया है कि बड़े डिफाल्टर्स से बकाया करोड़ों रुपए वसूल करने के लिए रियायत दी जाए। जिसे लेकर मुख्य सचिव ने सभी विभागों से रिपोर्ट मांगी है। जानकारी के अनुसार सरकार ने इससे पहले 13 जुलाई को 2 हजार करोड़ रुपए का कर्ज बाजार से लिया था।





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