विपक्ष के साथ-साथ अपने ही नेताओं की चेतावनियों से घिरी शिवराज सरकार,यह है मुद्दा

विपक्ष के साथ-साथ अपने ही नेताओं की चेतावनियों से घिरी शिवराज सरकार,यह है मुद्दा
प्रतिरूप फोटो

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर शिवराज सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जनता बिजली संकट और मनमाने बिल से परेशान है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती से अपनों के साथ अब विपक्ष के भी निशाने पर बीजेपी सरकार आ गई है। दरअसल बिजली कटौती पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर शिवराज सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जनता बिजली संकट और मनमाने बिल से परेशान है। इसके साथ ही कमलनाथ ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर ये समस्या सरकार जल्दी दूर नहीं करेगी तो कांग्रेस प्रदेश में आंदोलन करेगी।

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पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा कि “मध्यप्रदेश में बिजली का संकट दिन- प्रतिदिन गहराता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों व कृषि क्षेत्रों में स्थिति बेहद खराब होती जा रही है ,कई-कई घंटों की अघोषित कटौती की जा रही है। कोयले की कमी के कारण उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है ,कई ताप विद्युत परियोजनाएं बंद होने की कगार पर है। मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर सामने आ रहा है ,सरकार इन सब मामलों से बेखबर बनी हुई है ?”

उन्होंने पूर्व की अपनी सरकार से तुलना करते हुए कहा, ” हमारी सरकार के समय हमने प्रदेश में कभी बिजली संकट की स्थिति सामने नहीं आने दी और सस्ते दर पर उपभोक्ताओं को बिजली भी उपलब्ध करायी। वही आज शिवराज सरकार में जनता बिजली संकट और मनमाने बिजली बिलों से भारी परेशान है। मैं सरकार से मांग करता हूँ कि प्रदेश की जनता को इस बिजली संकट व मनमाने बिजली बिलों से मुक्ति दिलाये अन्यथा कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी , इस मुद्दे पर हम प्रदेश व्यापी आंदोलन करेंगे।”

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वहीं बीजेपी से टीकमगढ़ विधायक राकेश गिरी ने मुख्यमंत्री शिवराज  को पत्र लिखकर कहा कि क्षेत्र में 12 से 15 घंटे अघोषित बिजली कटौती हो रही है। जिसकी वजह से किसान फसलों की सिंचाई भी नहीं कर पा रहे हैं। बिजली कटौती से जनता में काफी रोष है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अघोषित बिजली कटौती बंद करने की मांग की है।

इसी मुद्दे को लेकर पहले मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने विरोध किया था। उन्होंने भोपाल में कहा था कि समूचे विंध्य क्षेत्र में बिजली कटौती से हाहाकार मचा हुआ है। ग्रामीण अंचलों में 20-20 घंटे तक बिजली बंद रहती है। यदि बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं होती है, तो 4 सितंबर को आंदोलन किया जाएगा। नारायण त्रिपाठी ने कहा था कि अगर सरकार नहीं जागी तो बिजली बीजेपी सरकार को ले डूबेगी।





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