कर्ज से जूझ रही मध्य प्रदेश सरकार, फिर से 2 हजार करोड़ रुपए का लेने जा रही कर्जा

कर्ज से जूझ रही मध्य प्रदेश सरकार, फिर से 2 हजार करोड़ रुपए का लेने जा रही कर्जा

वित्त विभाग ने एक नोटिफिकेशन जारी कर कर्ज लेने की बात कही है। शिवराज सरकार 1 सितंबर, 2021 से 5 साल के लिए कर्ज ले रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक शिवराज सरकार 2 हजार करोड़ रुपए का फिर से कर्ज लेने वाली है। जबकि पहले से ही प्रदेश पर ढाई लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्जभार है।

भोपाल। कर्ज से जूझ रहे मध्य प्रदेश की हालत काफी खराब है। कोरोना वायरस महामारी की वजह से हालात और भी ज्यादा बदतर हो गए। जिससे उबरने के लिए प्रदेश की शिवराज सरकार ने एक बार फिर से कर्जा लेने की योजना बनाई है। आपको बता दें कि जुलाई माह में शिवराज सरकार 2 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। जिसके बावजूद आर्थिक स्थिति नहीं सुधरी और फिर से कर्ज लेने की जरूरत आन पड़ी है। ऐसे में सरकार 2 हजार करोड़ रुपए का फिर से कर्ज लेने वाली है। 

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वित्त विभाग ने जारी किया नोटिफिकेशन

वित्त विभाग ने एक नोटिफिकेशन जारी कर कर्ज लेने की बात कही है। शिवराज सरकार 1 सितंबर, 2021 से 5 साल के लिए कर्ज ले रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक शिवराज सरकार इस कर्ज का इस्तेमाल योजनाओं के क्रियानवयन के लिए करने वाली है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक शिवराज सरकार कोरोना की वजह से बिगड़ी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए हरसंभव प्रयास करने में जुटी हुई है। इसी बीच उन्होंने कर्ज लेने की योजना बनाई। 

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ढाई लाख करोड़ से ज्यादा का है कर्ज

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में पहले से ही ढाई लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है। इसके बावजूद सरकार को और कर्ज लेने की जरूरत आन पड़ी है। विशेषज्ञों की मानें तो ज्यादा कर्ज की वजह से प्रदेश की आर्थित स्थिति पर बुरा असर पड़ सकता है। दरअसल, प्रदेश सरकार पर अब तक 2 लाख 53 हजार करोड़ का कर्ज है। जिसमें से 1 लाख 54 हजार करोड़ रुपए का कर्ज खुले बाजार से है।





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