• विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी से की मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई बात

तजाकिस्तान दौर के बाद एस.जयशंकर ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफगनी से मुलाकात की।अशरफगनी संग मुलाकात को लेकर एस.जयशंकर ट्वीट कर प्रसन्नता जाहिर की हैं।

विदेश मंत्री एस जयंशकर 13 से 14 जुलाई को दो दिवसीय तजाकिस्तान दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने भारत-अफ्रीका परियोजना साझेदारी पर सीआईआई- एक्जिम बैंक कॉन्क्लेव को संबोधित किया। वहीं दूसरे दिन उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की परिषद और अफगानिस्तान पर एससीओ संपर्क समूह की बैठक में हिस्सा लिया। ऐसे में तजाकिस्तान दौर के बाद एस.जयशंकर ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफगनी से मुलाकात की।

अशरफ गनी संग मुलाकात को लेकर एस जयशंकर ट्वीट कर प्रसन्नता जाहिर की हैं। विदेश मंत्री ने अशरफगनी से मुलाकात के दौरान अफगानिस्तान और उसके आसपास की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने अफगानिस्तान की शांति, स्थिरता और विकास के लिए अपने समर्थन को भी दोहराया।

बांग्लादेश के विदेश मंत्री से भी की मुलाकात

वहीं ताशकंद कनेक्टिविटी सम्मेलन के मौके पर बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ एके अब्दुल मोमेन के साथ मिलकर खुशी हुई। कनेक्टिविटी पहलुओं सहित हमारे संबंधों में प्रगति की समीक्षा करने का एक अच्छा अवसर था।

 दो दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने चीनी विदेश मंत्री से भी मुलाकात की। चीनी विदेश मंत्री से दुशांबे एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद हुई। चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ एक घंटे की द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक में चर्चा पश्चिमी क्षेत्र में एलएसी के साथ बकाया मुद्दों पर केंद्रित थी।

चीनी विदेश मंत्री से मुलाकात के दौरान दिया था सख्त संदेश

चीनी विदेश मंत्री संग बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने चीन संग सीमा विवाद पर सख्त लहजे में इस बात पर प्रकाश डाला कि यथास्थिति का एकतरफा परिवर्तन स्वीकार्य नहीं है। हमारे संबंधों के विकास के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और शांति की पूर्ण बहाली और रखरखाव आवश्यक है। इसके साथ ही वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की शीघ्र बैठक बुलाने पर सहमति बनी। इससे चीन को भारत की तरफ से एक सख्त संदेश मिला है। वहीं एस.जयशंकर की इस दो दिवसीय यात्रा से तजाकिस्तान और बांग्लादेश समेत कई अन्य देशों से भी संबंध और मधुर होने की संभावना बढ़ गई है।