Jammu-Kashmir में महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा कौशल प्रशिक्षण अभियान, बदल रही ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी

जम्मू-कश्मीर में प्रशिक्षित महिलाएं अब स्वयं सहायता समूह बनाकर या व्यक्तिगत स्तर पर अपने उत्पाद तैयार कर बाजार में बेच रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो रही है।
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में जेके बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा चलाए जा रहे कौशल विकास कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह संस्थान स्थानीय स्तर पर बेरोजगार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है, जिससे वह अपने पैरों पर खड़ी हो सकें और स्वरोजगार की राह अपना सकें। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में जूट बैग निर्माण जैसे व्यावहारिक कौशल सिखाए जा रहे हैं, जो न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं बल्कि बाजार में भी इनकी मांग बढ़ रही है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को कच्चे माल के चयन से लेकर तैयार उत्पाद के विपणन तक की पूरी जानकारी दी जाती है, ताकि वह अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और दूर दराज के इलाकों में रहने वाली महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है।
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हम आपको बता दें कि संस्थान का फोकस केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास और उद्यमिता की भावना विकसित करना भी है। प्रशिक्षित महिलाएं अब स्वयं सहायता समूह बनाकर या व्यक्तिगत स्तर पर अपने उत्पाद तैयार कर बाजार में बेच रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो रही है। राजौरी जिले में इस प्रकार की पहल ग्रामीण विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रही है। यह कार्यक्रम न केवल महिलाओं को रोजगार के अवसर दे रहा है, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। हम आपको बता दें कि इच्छुक व्यक्ति जम्मू कश्मीर के विभिन्न आरसेटी केंद्रों से संपर्क कर इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और इसका लाभ उठा सकते हैं।
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