जिला पंचायत चुनाव के मुद्दे पर सपा ने मजबूती से नहीं किया संघर्ष: अजय राय

जिला पंचायत चुनाव के मुद्दे पर सपा ने मजबूती से नहीं किया संघर्ष: अजय राय

कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय ने बयान दिया कि जिला पंचायत चुनाव के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी ने मजबूती से संघर्ष नहीं किया।

लखनऊ। कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय ने कहा कि अखिलेश यादव को अपने कार्यकर्ताओं के साथ उतरना चाहिए था। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता केवल एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते है, जिसका परिणाम यह निकला कि समाजवादी पार्टी अपने संघर्ष की लड़ाई नहीं लड़ पा रही और पूरी तरीके से फेल साबित हुई है।  

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वाराणसी में जिला पंचायत अध्यक्ष पद की सपा प्रत्याशी चंदा यादव का नामांकन खारिज हो गया है। इसी के साथ भाजपा प्रत्याशी पूनम मौर्या का निर्विरोध निर्वाचन तय है। वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय ने बयान दिया कि जिला पंचायत चुनाव के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी ने मजबूती से संघर्ष नहीं किया।

पूर्व मंत्री अजय राय ने आरोप लगाते हुए कहा की अलोकतांत्रिक तरीके से वाराणसी समेत कई जनपदों में भय और लालच के बल पर शासन-प्रशासन का दुरुपयोग कर भाजपा पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा कर लिया। लेकिन हर लड़ाई में संघर्ष मायने रखता है। अजय राय ने कहा कि राजनीति में अपने वजूद संघर्ष के लिए लड़ते रहना चाहिए। समाजवादी ने जिला पंचायत वाराणसी के चुनाव में संघर्ष से लड़ने के बजाए अपने हाथ खड़े कर दिए। साथ ही कांग्रेस ने वाराणसी में भाजपा को शिकस्त देने के लिए बिना शर्त समाजवादी पार्टी को अपने निर्वाचित 5 जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन दिया था, लेकिन समाजवादी पार्टी मैदान छोड़कर हट गई। 

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अजय राय ने कहा कि भाजपा नेतृत्व को सत्ता का गुरूर छाया है, विपक्ष के प्रति द्वेषभाव है और अहंकार सिर पर चढ़कर बोल रहा है। भाजपा ने अपनी कुनीतियों से जनता को निराश कर दिया है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं की हम अपने हक अधिकार को छोड़ दे। समाजवादी पार्टी को इस मुद्दे पर संघर्ष करना चाहिए था। वे सरकार की दमनकारी नीतियों को उजागर करना चाहिए था। 





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