National Highway की शिकायतों के लिए Rajmargyatra App अनिवार्य, NHAI ने सोशल मीडिया के लिए जारी किया Policy Circular

NHAI हेडक्वार्टर, रीजनल ऑफिस और प्रोजेक्ट लागू करने वाली यूनिट्स के लिए बनी यह पॉलिसी तय करती है कि अधिकारी नेशनल हाईवे से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट पर कैसे नज़र रखें, उनकी सच्चाई की जांच करें और उन पर कैसे जवाब दें।
नेशनल हाईवेज़ अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) ने बुधवार को सोशल मीडिया पर लोगों से जुड़ने और ऑनलाइन रेप्युटेशन मैनेजमेंट (ऑनलाइन छवि बनाए रखने) के लिए एक पॉलिसी सर्कुलर जारी किया। इसके तहत अधिकारियों को नेशनल हाईवे से जुड़ी ऑनलाइन चर्चाओं पर रोज़ाना नज़र रखनी होगी। साथ ही, उन्हें नागरिकों को शिकायत दर्ज करने के लिए NHAI के 'राजमार्गयात्रा' ऐप का इस्तेमाल करने के लिए कहना होगा, न कि सोशल मीडिया को शिकायत दूर करने का मुख्य ज़रिया मानना होगा। NHAI हेडक्वार्टर, रीजनल ऑफिस और प्रोजेक्ट लागू करने वाली यूनिट्स के लिए बनी यह पॉलिसी तय करती है कि अधिकारी नेशनल हाईवे से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट पर कैसे नज़र रखें, उनकी सच्चाई की जांच करें और उन पर कैसे जवाब दें। इसमें टोल प्लाज़ा, FASTag, दुर्घटनाओं, गड्ढों, रखरखाव और सड़क सुरक्षा से जुड़ी पोस्ट भी शामिल हैं। पॉलिसी में कहा गया है कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के बढ़ते असर की वजह से गलत जानकारी का मुकाबला करने और जनता के साथ सही तरीके से जुड़ने के लिए एक व्यवस्थित कम्युनिकेशन फ़्रेमवर्क अपनाना ज़रूरी हो गया है।
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इस फ़्रेमवर्क के तहत, NHAI हेडक्वार्टर अथॉरिटी की ऑनलाइन रेप्युटेशन मैनेजमेंट स्ट्रैटेजी की देखरेख करेगा, संकट और गलत जानकारी फैलाने वाले कैंपेन के दौरान जवाब देने में तालमेल बिठाएगा और कम्युनिकेशन से जुड़ी सलाह जारी करेगा। रीजनल ऑफिस स्थानीय मुद्दों की शुरुआती निगरानी करेंगे, फ़ील्ड यूनिट्स के साथ तथ्यों की पुष्टि करेंगे और संवेदनशील मामलों को हेडक्वार्टर तक पहुंचाएंगे, जबकि प्रोजेक्ट लागू करने वाली यूनिट्स ज़मीनी स्तर पर पुष्टि और ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी देंगी। इस सर्कुलर में NHAI के ज़िक्र, उसकी पोस्ट पर कमेंट्स, उभरती चर्चाओं और टोलिंग, FASTag, दुर्घटनाओं, गड्ढों और हाईवे के रखरखाव से जुड़ी शिकायतों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। रोज़ाना सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक (वीकेंड और राष्ट्रीय छुट्टियों सहित) नियमित निगरानी की जाएगी, जबकि बड़ी घटनाओं और संकट की स्थितियों में हालात सामान्य होने तक 24x7 निगरानी की ज़रूरत होगी।
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इस पॉलिसी का एक अहम नियम यह है कि सोशल मीडिया पर कार्रवाई-योग्य शिकायतें करने वाले नागरिकों को 'राजमार्गयात्रा' (Rajmargyatra) ऐप पर भेजा जाएगा, जहाँ शिकायतों को ट्रैक करने और उनके समाधान के लिए टिकट-आधारित सिस्टम के ज़रिए शिकायत दर्ज की जा सकेगी। यह फ़्रेमवर्क गलत जानकारी और फ़ेक न्यूज़ से निपटने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर भी तय करता है।
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