अब Vande Mataram का अपमान करने पर होगी कड़ी सजा, Rajya Sabha में बिल पेश

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश किया है। यह विधेयक 'वंदे मातरम' के अपमान या गाने में बाधा डालने को आपराधिक श्रेणी में लाने का प्रस्ताव करता है, जिससे इसे अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों के समान कानूनी सुरक्षा मिलेगी। इसका उद्देश्य राष्ट्रगीत के 150वें वर्षगांठ के अवसर पर इसकी गरिमा को कानूनी रूप से सुनिश्चित करना है।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक बिल पेश किया। इस बिल का मकसद 'वंदे मातरम' गाने के दौरान उसका अपमान करने या उसमें बाधा डालने को आपराधिक कानून के दायरे में लाना है। 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026', जिसे उच्च सदन में पेश करने के लिए सूचीबद्ध किया गया था, का मकसद 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971' में संशोधन करना है। प्रस्तावित कानून राष्ट्रीय गीत को कानूनी सुरक्षा देगा और इसे मौजूदा कानून के तहत पहले से शामिल अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों के समान कानूनी दर्जा दिलाएगा।
इसे भी पढ़ें: सोनम बेवफा निकले? बेपटरी होते आंदोलन के कारण या कुछ और है वजह, वांगचुक के अनशन तोड़ने की इनसाइड स्टोरी
यह कदम 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ के समारोहों के दौरान उठाया गया है और सरकारी कार्यक्रमों में इसे गाने के लिए नियम तय करने की सरकार की पिछली कोशिशों के बाद आया है। इस प्रस्तावित संशोधन का मुख्य मकसद 'वंदे मातरम' के अपमान से जुड़े कुछ कामों को कानूनी रूप से दंडनीय बनाना है। इस बिल में उन कामों को शामिल करने की कोशिश की गई है जिनसे जानबूझकर राष्ट्रगीत गाने से रोका या बाधा डाली जाती है, साथ ही ऐसा व्यवहार भी जो इसके अपमान के बराबर हो। "अपमान" की सटीक परिभाषा क्या होगी, यह बहुत महत्वपूर्ण होगा, खासकर यह तय करने में कि असल में कानून कैसे लागू किया जाएगा।
फिलहाल, 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971' राष्ट्रीय प्रतीकों - जैसे भारतीय राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान 'जन गण मन' - के अपमान से जुड़ी खास हरकतों के खिलाफ कानूनी सुरक्षा देता है। इस संशोधन का मकसद इस कानूनी ढांचे का विस्तार करना है ताकि इसमें 'वंदे मातरम' को भी शामिल किया जा सके। यह प्रस्तावित कानून 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने के मौके पर लाए जाने वाले कार्यक्रमों के बीच पेश किया गया है। यह गीत भारत की आज़ादी की लड़ाई से गहराई से जुड़ा हुआ है।
इसे भी पढ़ें: NEET Paper Leak: AAP ने BJP और Congress को घेरा, कहा- Punjab सरकार को बदनाम करने की रची जा रही साजिश
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखा गया और बाद में उनके उपन्यास 'आनंदमठ' में शामिल किया गया 'वंदे मातरम' आज़ादी की लड़ाई के दौरान लोगों को एकजुट करने वाला एक अहम गीत बन गया था और इसे भारत के राष्ट्रीय गीत का दर्जा प्राप्त है। सरकार ने सरकारी कार्यक्रमों में इस गीत को ज़्यादा अहमियत देने की कोशिश की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पहले उन सरकारी कार्यक्रमों के लिए गाइडलाइंस जारी की थीं, जहाँ राष्ट्रगान के साथ-साथ 'वंदे मातरम' भी गाया या बजाया जाता है।
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
अन्य न्यूज़















