मंदिर निर्माण में श्रद्धानधि के रूप में स्वीकार करें जनभागीदारी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिला सुझाव

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जुलाई 29, 2020   17:15
मंदिर निर्माण में श्रद्धानधि के रूप में स्वीकार करें जनभागीदारी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिला सुझाव

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य स्वामी परमानंद गिरि जी महाराज ने कहा, ‘‘ ऐसा भी सुझाव आया है कि जनभागीदारी के उद्देश्य से 10 रूपये की श्रद्धानिधि स्वीकार की जाए। यह टिकट या नोट के रूप में हो और लोगों के घरों में यादगार के तौर पर सहेजी जा सके। इस सुझाव पर विचार हो रहा है। ’’

नयी दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) एवं साधु समाज की ओर से दस रुपये की ‘श्रद्धानिधि’ स्वीकार करने का सुझाव श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दिया गया है। सूत्रों ने कहा यह श्रद्धानिधि दस रुपये के विशेष नोट या टिकट के रूप में हो सकती है ताकि इसे यादगार के तौर पर सहेजा जा सके। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य स्वामी परमानंद गिरि जी महाराज ने बताया कि काफ़ी संख्या में लोग मंदिर निर्माण में योगदान देना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसा भी सुझाव आया है कि जनभागीदारी के उद्देश्य से 10 रूपये की श्रद्धानिधि स्वीकार की जाए। यह टिकट या नोट के रूप में हो और लोगों के घरों में यादगार के तौर पर सहेजी जा सके। इस सुझाव पर विचार हो रहा है। ’’ 

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बता दें कि ट्रस्ट की 18 जुलाई की बैठक में विहिप और साधु समाज की ओर से मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धानिधि स्वीकार करने का सुझाव आया। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, स्वामी गोविंद गिरी, स्वामी परमानंद गिरी, रामेश्वर चौपाल समेत कई अन्य सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में ही भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या में भूमि पूजन कार्यक्रम की तिथि पांच अगस्त रखी गई। भूमि पूजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिस्सा लेने का कार्यक्रम है, हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य रामेश्वर चौपाल नेश्रद्धानिधि के बारे में पूछने पर कहा कि ऐसा सुझाव आया है, इस समेत ऐसे सभी सुझावों पर विचार किया जा रहा है और जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जायेगा। चौपाल ने कहा साल 1989 में पूरे देश में शिलापूजन का कार्यक्रम हुआ था। तब राम मंदिर का मॉडल छपवाकर दिया गया था और तय किया गया था कि हर व्यक्ति इच्छा अनुसार सवा रूपया दान दे सकता है। एक परिवार में अगर पांच व्यक्ति हैं तब सवा छह रूपये योगदान दे सकते हैं।’’ उन्होंने कहा कि श्रद्धा को मापा या तौला नहीं जा सकता, यह न्यूनतम से न्यूनतम राशि हो सकती है। 

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वहीं, विहिप के सूत्रों ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के नाम से अयोध्या में स्टेट बैंक आफ इंडिया में एक खाता खोला गया है जिसमें दानकर्ताअपनी श्रद्धा के अनुसार दस रूपये से लेकर एक हजार रूपये तक दान दे सकते हैं। रामेश्वर चौपाल ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए उन्होंने बिहार, झारखंड से कई स्थानों से मिट्टी, रेत, जल एकत्र किया है और इसे अयोध्या ले जाया जायेगा। वहीं, देश के अन्य हिस्सों की भांति उत्तराखंड से भी चारधाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री, हरकी पैड़ी समेत अन्य मठ-मंदिरों की मिट्टी और गंगा-यमुना जैसी सभी नदियों का पवित्र जल अयोध्या भेजा जाएगा। ट्रस्ट के सदस्य और अखंड परमधाम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद गिरी महाराज ने बताया कि वे दो अगस्त को अयोध्या रवाना होंगे।





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