Ram Mandir चंदा चोरी: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्ट को भेजा नोटिस, SIT से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

Supreme Court
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अभिनय आकाश । Jul 13 2026 3:21PM

चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की बेंच ने उत्तर प्रदेश की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को दान की कथित चोरी के मामले में अपनी जांच की प्रगति पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया। भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, जो केंद्र और राज्य की ओर से पेश हुए, ने कहा कि स्टेटस रिपोर्ट एक सीलबंद लिफ़ाफ़े में दाखिल की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (13 जुलाई) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को एक नोटिस जारी किया। यह नोटिस अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान की कथित चोरी की निष्पक्ष और तय समय-सीमा के भीतर जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर जारी किया गया। चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की बेंच ने उत्तर प्रदेश की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को दान की कथित चोरी के मामले में अपनी जांच की प्रगति पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया। भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, जो केंद्र और राज्य की ओर से पेश हुए, ने कहा कि स्टेटस रिपोर्ट एक सीलबंद लिफ़ाफ़े में दाखिल की जाएगी।

20 जुलाई को अगली सुनवाई 

इस मामले में अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी, जब कोर्ट याचिकाओं पर विचार करेगा और SIT की जांच के नतीजों की समीक्षा करेगा। तीन याचिकाकर्ताओं में से एक, नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले की CBI जांच की मांग की। उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की CAG (कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) से ऑडिट कराने की भी मांग की; यह ट्रस्ट राम मंदिर के कामकाज का प्रबंधन करता है। अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव ने भी ऐसी ही मांग करते हुए दूसरी याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग के अलावा, RJD सांसद सुधाकर सिंह द्वारा दायर तीसरी याचिका में मंदिर ट्रस्ट के पूरे वित्तीय कामकाज की फॉरेंसिक ऑडिट की मांग की गई है। 

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राम मंदिर दान चोरी का मामला

जून के पहले हफ़्ते में राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान गड़बड़ी की बात सामने आने पर मंदिर के दान के कथित दुरुपयोग का मामला प्रकाश में आया। मंदिर ट्रस्ट की सिफ़ारिश पर, उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई। SIT में लखनऊ डिविज़नल कमिश्नर विजय विश्वास पंत, इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस किरण एस और स्पेशल सेक्रेटरी (फ़ाइनेंस) नील रतन शामिल हैं। SIT को गबन के शुरुआती सबूत मिले, जिसके बाद FIR दर्ज की गई। अब तक, इस मामले में मंदिर की दान-गिनती प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। SIT के अनुसार, 45 दिनों की CCTV फ़ुटेज में इन प्रक्रियाओं का बार-बार उल्लंघन देखा गया।

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जांचकर्ताओं का आरोप है कि आरोपियों ने गिनती हॉल के अंदर कैश की आवाजाही पर कमज़ोर निगरानी और अपर्याप्त जांच का फ़ायदा उठाया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान कम से कम 70 बार चोरी हुई। इसमें जांच से पहले कुछ कर्मचारियों से लगभग 78.94 लाख रुपये और गिनती वाले कमरे से जुड़े बाथरूम से 2.25 लाख रुपये बरामद होने का भी ज़िक्र है।

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