सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या केस सुनवाई की तारीख एक दिन कम की, 17 अक्टूबर तक पूरी होगी बहस

supreme-court-reduces-the-date-of-hearing-of-ayodhya-case-by-one-day-the-debate-will-be-completed-by-october-17
अयोध्या में 2.77 एकड़ भूमि तीन पक्षकारों-सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला- के बीच बराबर बराबर बांटने का आदेश देने संबंधी इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सितंबर, 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 14 अपील विचाराधीन हैं।

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद की जमीन के स्वामित्व विवाद मामले की सुनवाई 17 अक्टूबर तक पूरी कर लेगा। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्याक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने 37वें दिन की बहस समाप्त पर इस विवाद में चल रही सुनवाई पूरी करने की नयी तारीख 17 अक्टूबर निर्धारित की। पहले इस मामले की सुनवाई 18 अक्टूबर तक पूरी करने के लिए कहा गया था। पीठ ने कहा कि इस विवाद में मुस्लिम पक्षकार अपनी बहस 14 अक्टूबर तक पूरी करेंगे और इसके बाद दो दिन का समय अर्थात् 16 अक्टूबर तक हिन्दू पक्षकारों को इन दलीलों का जवाब देने के लिये उपलब्ध होगा।

इसे भी पढ़ें: अयोध्या केस में 33वें दिन की सुनवाई खत्म, CJI बोले- 18 अक्टूबर तक बहस हो पूरी

अंतिम दिन 17 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई पूरी कर ली जायेगी।इस मामले में शीर्ष अदालत का फैसला 17 नवंबर से पहले ही आने की उम्मीद है क्योंकि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई उस दिन सेवानिवृत्त हो रहे हैं। अयोध्या विवाद की सुनवाई करने वाली संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल हैं। इस विवाद का मध्यस्थता के माध्यम से सर्वमान्य समाधान खोजने का प्रयास विफल हो जाने के बाद संविधान पीठ से छह अगस्त से इन अपीलों पर रोजना सुनवाई कर रही है। यह पीठ अयोध्या में 2.77 एकड़ भूमि तीन पक्षकारों-सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला- के बीच बराबर बराबर बांटने का आदेश देने संबंधी इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सितंबर, 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 14 अपील विचाराधीन हैं। 

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़