अमेरिकी रक्षा मंत्री और राजनाथ सिंह के बीच वार्ता, अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को क्‍यों चुना?

अमेरिकी रक्षा मंत्री और राजनाथ सिंह के बीच वार्ता,  अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को क्‍यों चुना?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड जेम्स ऑस्टिन विज्ञान भवन में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हो रही है। वार्ता में 30 घातक प्रिडेटर और 114 एडवांस लड़ाकू विमान के खरीद समेत चीन की दादागिरी, आतंकवाद की चुनौती और अफगानिस्तान में शांति वार्ता जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विज्ञान भवन में अमेरिका के रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन का स्वागत किया। अमेरिका के रक्षा सचिव लॉयड जेम्स ऑस्टिन को विज्ञान भवन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड जेम्स ऑस्टिन विज्ञान भवन में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हो रही है। वार्ता में 30 घातक प्रिडेटर और 114 एडवांस लड़ाकू विमान के खरीद समेत चीन की दादागिरी, आतंकवाद की चुनौती और अफगानिस्तान में शांति वार्ता जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

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रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीद का मुद्दा 

ऑस्टिन के भारत दौरे से पहले अमेरिकी सीनेट की शक्तिशाली विदेशी संबंध समिति के चेयरमैन सीनेटर रॉबर्ट मेनेंडेज मे उन्हें पत्र लिखकर भारत और रूस के बीच एस-400 मिसाइल सिस्टम के सौदे का मुद्दा उठाया। 

अमेरिकी रक्षा मंत्री के भारत दौरे के मायने 

अमेरिका का इस वक्त सबसे बड़ा दुश्मन चीन है और भारत इस लिहाजे से उसके लिए एक बड़ा सहयोगी बन सकता है। भारत इस वक्त दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयात करने वाला देश है और अमेरिका भारत के रक्षा क्षेत्र में अपने लिए नई संभावनाएं तलाश रहा है। ये बात अमेरिका भलि-भांति समझ चुका है कि उसे एशिया पैसेफिक रीजन और अफगानिस्तान में अपनी पकड़ को मजबूत करने के लिए भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश की सहायता की जरूरत होगी। उनकी इस यात्रा को (अमेरिकी राष्ट्रपति) जो बाइडन प्रशासन के अपने करीबी सहयोगियों और क्षेत्र में साझेदारों के साथ मजबूत प्रतिबद्धता के तौर पर देखा जा रहा है।





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