CJP की जिद से अटकी बातचीत, NEET पेपर लीक आंदोलन पर राजनीति गरमाई

NEET पेपर लीक और शिक्षा सुधारों पर केंद्र तथा CJP के बीच प्रस्तावित वार्ता CJP की शर्तों के कारण अधर में लटक गई है। सूत्रों के अनुसार, सोनम वांगचुक ने मंत्री के इस्तीफ़े की मांग छोड़ दी थी, लेकिन CJP ने सार्वजनिक वार्ता के साथ-साथ इस शर्त को भी बनाए रखा, जिस पर केंद्र सहमत नहीं है।
सरकारी सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि केंद्र और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बीच बातचीत अटक गई है। CJP जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रही है और उसने बातचीत के लिए कुछ अहम शर्तें रखी हैं। यह घटनाक्रम राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बीच हुआ है, जहाँ एक्टिविस्ट, छात्र और समर्थक पेपर लीक के लिए जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में सुधार की माँग कर रहे हैं।
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सरकारी सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि केंद्र और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बीच बातचीत अटक गई है। CJP जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रही है और उसने बातचीत के लिए कुछ अहम शर्तें रखी हैं। यह घटनाक्रम राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बीच हुआ है, जहाँ एक्टिविस्ट, छात्र और समर्थक पेपर लीक के लिए जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में सुधार की माँग कर रहे हैं।
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि CJP प्रतिनिधिमंडल ने औपचारिक बातचीत शुरू होने से पहले दो शर्तें फिर से दोहराईं—मंत्री का इस्तीफ़ा और केंद्र के साथ कोई भी बातचीत जंतर-मंतर पर सार्वजनिक रूप से हो। सरकारी सूत्रों का कहना है कि केंद्र को दोनों ही मांगें मंज़ूर नहीं हैं, जिसकी वजह से अभी गतिरोध बना हुआ है। यह स्थिति तब बनी है जब केंद्र ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की इच्छा जताई थी।
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हाल ही में, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात की, उनसे आंदोलन ख़त्म करने की अपील की और भरोसा दिलाया कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है। 'चलो संसद' मार्च के दौरान हुई झड़पों के बाद उन्होंने अस्पताल में घायल प्रदर्शनकारियों से भी मुलाक़ात की। वहीं, बीजेपी का कहना है कि बातचीत के दरवाज़े खुले हैं, हालांकि उसने विपक्ष पर आंदोलन का राजनीतिकरण करने का आरोप भी लगाया। गतिरोध के बावजूद, सूत्रों का कहना है कि बातचीत के रास्ते खुले हैं और कोई बीच का रास्ता निकालने की कोशिशें जारी हैं, जिससे औपचारिक बातचीत का रास्ता साफ़ हो सके। उन्होंने कहा कि केंद्र बातचीत के पक्ष में है, लेकिन बिना किसी पूर्व शर्त के।
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