Tamil Nadu के कोयंबटूर में छात्र की हत्या पर विधानसभा में तीखी बहस, 8 गिरफ्तार

तमिलनाडु के कोयंबटूर में 19 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र की पीट-पीटकर हत्या के बाद पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 11 फरार लोगों की तलाश जारी है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि कॉलेज में मादक पदार्थों की तस्करी का पर्दाफाश करने की वजह से उसे निशाना बनाया गया। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने ड्रग्स के कोण से इनकार करते हुए इसे छात्रों के आपसी गुटबाजी का मामला बताया है।
तमिलनाडु में मेकाट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के एक छात्र की बेरहमी से हत्या को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। छात्र के परिवार का दावा है कि उसने कॉलेज परिसर में मादक पदार्थों के इस्तेमाल का खुलासा किया था। विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया।
छात्र संगठनों के विरोध के बीच कॉलेज प्रबंधन और पुलिस ने हत्या के पीछे मादक पदार्थ से जुड़ा कोई भी कारण होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह हमला आपसी दुश्मनी का नतीजा था। पुलिस ने हत्या के मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है और 11 अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी है जो फरार हैं।
पुलिस के अनुसार, सिंगनल्लूर ईएसआई अस्पताल में किए गए पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि पीड़ित (19) को लोहे की छड़ों और लाठियों से पीटा गया था जिससे उसे गंभीर चोटें आई थीं। रिपोर्ट के अनुसार अंदरूनी रक्तस्त्राव होने और सांस लेने में दिक्कत के कारण उसकी मौत हुई। छात्र के पिता, केनेडी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उसने कॉलेज परिसर में मादक पदार्थ के इस्तेमाल और गांजे की तस्करी का पर्दाफाश किया था।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन और स्थानीय पुलिस ने मादक पदार्थों के सेवन में शामिल छात्रों की पहचान करने के लिए छात्र पर दबाव डाला था और बाद में उसकी पहचान आरोपियों को बता दी। हालांकि, पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह हमला वरिष्ठ और कनिष्ठ छात्रों के बीच विवाद के बाद झड़प से जुड़ा था। यह मुद्दा तमिलनाडु विधानसभा में उठाया गया और सरकार एवं विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।
विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सदन में यह मुद्दा उठाया और जवाबदेही की मांग की। उन्होंने परिवार के उस आरोप का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि छात्र को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उसने परिसर में मादक पदार्थ बेचने वालों की जानकारी दी थी। स्कूल शिक्षा, तमिल विकास, सूचना और प्रचार मंत्री ए. राजमोहन ने इस आरोप को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि अब तक की जांच से पता चला है कि छात्र समूहों के बीच झड़प के कारण यह हत्या हुई। विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर ने राजमोहन को निर्देश दिया कि वह इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट पेश करें। विपक्षी दलों ने इस घटना की स्वतंत्र और उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है।
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