Muzaffarnagar के वायरल वीडियो को लेकर योगी सरकार पर बरसा विपक्ष, आरोपी शिक्षिका के खिलाफ योगी सरकार ने दिये जाँच के आदेश

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ANI

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी रविशंकर ने बताया कि वीडियो की जांच से प्रथम दृष्टया यह बात सामने आयी है कि स्कूल का काम पूरा न करने पर छात्र की पिटायी की जा रही थी और वीडियो में कुछ भी आपत्तिजनक बातें नहीं कही गयी हैं।

मुजफ्फरनगर जिले के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के एक निजी पब्लिक स्कूल में एक मुस्लिम छात्र के साथ कथित दुर्व्यवहार के वायरल वीडियो का मामला गर्मा गया है। आरोप है कि शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने एक मुस्लिम बच्चे को अन्य बच्चों से कक्षा में पिटवाया। यह भी आरोप है कि वीडियो में एक समुदाय विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गयी है।

यह वीडियो वायरल होते ही जहां विपक्ष को योगी सरकार पर निशाना साधने का मौका मिल गया है वहीं दूसरी ओर यूपी पुलिस ने शिक्षिका के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी रविशंकर ने बताया कि वीडियो की जांच से प्रथम दृष्टया यह बात सामने आयी है कि स्कूल का काम पूरा न करने पर छात्र की पिटायी की जा रही थी और वीडियो में कुछ भी आपत्तिजनक बातें नहीं कही गयी हैं। वहीं बाद में मुजफ्फरनगर के एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने कहा है कि विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की जा रही है।

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वहीं दूसरी ओर, इस मामले पर हो रही राजनीति की बात करें तो आपको बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि स्कूल जैसे पवित्र स्थान को नफरत का बाजार बनाया जा रहा है। राहुल ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मासूम बच्चों के मन में भेदभाव का ज़हर घोलना, स्कूल जैसे पवित्र स्थान को नफ़रत का बाज़ार बनाना- एक शिक्षक, देश के लिए इससे बुरा कुछ नहीं कर सकता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ये भाजपा का फैलाया वही केरोसिन है जिसने भारत के कोने-कोने में आग लगा रखी है। बच्चे भारत का भविष्य हैं- उनको नफ़रत नहीं, हम सबको मिल कर मोहब्बत सिखानी है।’’ उधर, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस घटना पर निराशा जतायी और कहा, ‘‘हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को कैसा क्लासरूम, कैसा समाज देना चाहते हैं?’’ उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जहां चांद पर जाने की तकनीक की बातें हो या नफरत की चहारदीवारी खड़ी करने वाली बातें। विकल्प एकदम स्पष्ट है। नफरत तरक्की की सबसे बड़ी दुश्मन है।’’ प्रियंका ने कहा, ‘‘हमें एकजुट होकर इस नफरत के खिलाफ बोलना होगा- अपने देश के लिए, तरक्की के लिए, आने वाली पीढ़ियों के लिए।’’ 

इसके अलावा, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उस शिक्षिका को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की, जिसने अपने छात्रों को अल्पसंख्यक समुदाय के एक छात्र को कथित तौर पर थप्पड़ मारने के लिए कहा था। ‘एक्स’ पर सपा ने सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधते हुए कहा, “भाजपा और आरएसएस की नफरती राजनीति, देश को यहां ले आई! मुजफ्फरनगर में एक अध्यापिका अल्पसंख्यक समाज के बच्चे को दूसरे बच्चों से थप्पड़ मरवा रही। मासूमों के मन में जहर घोलने वाली शिक्षिका को तुरंत बर्खास्त किया जाए। उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।” सपा का यह भी कहना है कि क्या शिक्षिका के घर पर बुलडोजर चलवाया जायेगा?

वहीं उत्तर प्रदेश के मंत्री जयवीर सिंह ने कहा है कि प्रशासन इस मुद्दे को देख रहा है और किसी के साथ कोई पक्षपात नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि योगी सरकार का उद्देश्य और लक्ष्य प्रदेश को विकास की राह पर आगे ले जाने का है।

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