सिवान छात्र प्रदर्शन में एके-47 के कथित इस्तेमाल की न्यायिक जांच हो: तेजस्वी यादव

राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से एके-47 राइफल के इस्तेमाल की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने बिहार बंद के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी छात्र प्रदर्शनकारियों को रिहा करने की भी मांग की। तेजस्वी यादव ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो राजद राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।
पटना, 27 जुलाई राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सिवान में 25 जुलाई को छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर एके-47 राइफल के इस्तेमाल की सोमवार को न्यायिक जांच कराने की मांग की। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीट प्रश्नपत्र लीक के कथित मामले को लेकर 25 जुलाई को आयोजित बिहार बंद के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी छात्र प्रदर्शनकारियों को रिहा करने की भी मांग की। उन्होंने सरकार से सोमवार रात तक सभी छात्रों को रिहा करने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर उनकी पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।
तेजस्वी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर एके-47 राइफल का इस्तेमाल करने वाले आरक्षी को केवल निलंबित कर देना पर्याप्त नहीं है। इस घटना की न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए। एके-47 के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया, इसकी पहचान कर उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
देश में यह पहली बार है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित तौर पर एके-47 का इस्तेमाल किया गया है।’’ उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के खिलाफ एके-47 के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया और पुलिस ने कई विद्यार्थियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला किस आधार पर दर्ज किया। तेजस्वी ने कहा, ‘‘मैं मांग करता हूं कि सरकार सोमवार रात तक गिरफ्तार सभी विद्यार्थियों को रिहा करे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो राजद राज्यव्यापी बड़ा आंदोलन शुरू करेगा।
केंद्र सरकार पहले ही छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लेने पर सहमत हो चुकी है। इसलिए उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे भी वापस लिए जाने चाहिए।’’ इससे पहले सोमवार को एक आरक्षी को निलंबित कर दिया गया। सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो प्रसारित हुआ था, जिसमें वह 25 जुलाई को सिवान जिले में छात्र प्रदर्शन के दौरान एके-47 राइफल का इस्तेमाल करता दिखाई दे रहा है।
हालांकि, ‘पीटीआई-भाषा’ इस वीडियो की प्रमाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर करता है। सिवान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पूरन कुमार झा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) के संबंधित आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘फायरिंग में कोई घायल नहीं हुआ।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल को गोली नहीं चलाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।’’ उधर, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी छात्र प्रदर्शनकारियों, वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं और पालीगंज के विधायक संदीप सौरभ को तत्काल रिहा करने तथा उनके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने की मांग की। सोमवार को पटना पहुंचीं बोरा ने कहा, ‘‘करीब 500 छात्र प्रदर्शनकारियों, वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं और पालीगंज के विधायक संदीप सौरभ को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। उनकी रिहाई तक मैं यहीं रहूंगी।
यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो हम दिल्ली की तर्ज पर छात्र आंदोलन शुरू करेंगे।’’ बोरा यहां बेउर जेल में बंद प्रदर्शनकारियों से मिलने वाली हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुरूप विद्यार्थियों के खिलाफ दर्ज सभी मामले तत्काल वापस लिए जाने चाहिए। पच्चीस जुलाई को वामपंथी छात्र संगठनों के सदस्यों ने नीट प्रश्नपत्र लीक के कथित मामले और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद के समर्थन में राज्य के कई जिलों में प्रदर्शन किया था।
इस दौरान कई स्थानों पर उनकी पुलिस से झड़प भी हुई थी। यह बंद पटना, सारण, सिवान, औरंगाबाद, भागलपुर, सीतामढ़ी, पूर्णिया और भोजपुर में हिंसक हो गया था, जबकि समस्तीपुर, नवादा, नालंदा, मधुबनी और शेखपुरा में हल्का विरोध प्रदर्शन हुआ था। यहां डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया था, जिसके बाद कई विद्यार्थियों को हिरासत में लिया गया।
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