Telangana Assembly से BRS के 22 विधायक पूरे मानसून सत्र के लिए सस्पेंड

Telangana Assembly से BRS के 22 विधायक पूरे मानसून सत्र के लिए सस्पेंड
प्रतिरूप फोटो
AI-Generated

तेलंगाना विधानसभा में नारेबाजी कर कार्यवाही बाधित करने पर बुधवार को भारत राष्ट्र समिति के 22 विधायकों को मानसून सत्र की बची हुई अवधि के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया। केटी रामा राव समेत विपक्षी सदस्यों ने पुलिस की कार्रवाई और कथित टिप्पणियों को लेकर कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया था। संसदीय कार्य मंत्री द्वारा प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद स्पीकर ने निलंबन की घोषणा की।

हैदराबाद, नौ सितंबर तेलंगाना विधानसभा में आसन के समक्ष आ कर नारेबाजी करते हुए सदन की कार्यवाही बाधित करने के कारण बुधवार को भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के 22 सदस्यों को मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही बीआरएस सदस्यों ने आसन के समक्ष आ कर ‘हमें न्याय चाहिए’ जैसे नारे लगाए। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव ने दो दिन पहले पार्टी की महिला विधायकों के खिलाफ पुलिस की कथित मनमानी (जब पुलिस ने विधानसभा गेट पर बीआरएस विधायकों को रोका) और बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव की मौत की कामना करने संबंधी सत्तारूढ़ कांग्रेस के कुछ सदस्यों की कथित टिप्पणियों पर चर्चा की मांग करते हुए कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया।

विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार, उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और संसदीय मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू के बार-बार अनुरोध के बावजूद बीआरएस के सदस्य अपनी सीट पर लौटने के लिए तैयार नहीं हुए। अध्यक्ष ने कहा कि वह यह जांचेंगे कि बीआरएस सदस्यों ने अपनी मांगें उन्हें लिखित रूप में दी हैं या नहीं। विक्रमार्क ने कहा कि उन्होंने और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने चंद्रशेखर राव के स्वस्थ और दीर्घायु होने की कामना की थी।

उन्होंने कहा कि सदस्यों को अपनी सीट से ही बात रखनी चाहिए और डराने-धमकाने या आक्रामक तरीके से व्यवहार नहीं करना चाहिए। विक्रमार्क ने मीडिया में आई कुछ खबरों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि बीआरएस आखिर कब तक दलितों का अपमान करता रहेगा। खबरों के अनुसार, हैदराबाद के पास एर्रावेल्ली में केसीआर के फार्महाउस के निकट आठ सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और दलित कार्यकर्ताओं ने बीआरएस विधान परिषद सदस्य ताता मधुसूदन की विधानसभा अध्यक्ष प्रसाद कुमार के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन किया था, जिसके बाद बीआरएस नेताओं ने वहां हल्दी मिले पानी का छिड़काव कर शुद्धिकरण किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘हम अब और अपमान और बेइज्जती सहने के लिए यहां नहीं हैं। यह आत्मसम्मान का सवाल है। चाहे कुछ भी हो, हमें सदन और समाज के लोगों के आत्मसम्मान के लिए खड़ा होना चाहिए।

खासकर, हम सदन के अध्यक्ष के तौर पर आपका अपमान स्वीकार नहीं कर सकते।’’ विधानसभा अध्यक्ष ने श्रीधर बाबू द्वारा निलंबन का प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद बीआरएस सदस्यों को निलंबित करने की घोषणा की। बीआरएस के निलंबित विधायकों में के. टी. रामा राव, अनिल जाधव, टी. हरीश राव, जी. जगदीश रेड्डी, गंगुला कमलाकर, कौशिक रेड्डी, माधवरम कृष्ण राव, कोवा लक्ष्मी, के. माणिक राव, चिंताप्रभाकर, कोठा प्रभाकर रेड्डी, वेमुला प्रशांत रेड्डी, मारी राजशेखर रेड्डी, पल्ला राजेश्वर रेड्डी, पी. सबिता इंद्रा रेड्डी, कल्वाकुंतला संजय, टी. श्रीनिवास यादव, डी. सुधीर रेड्डी, वी. सुनीता लक्ष्मारेड्डी, कलेरू वेंकटेश, विजयुडु और के. पी. विवेकानंद शामिल हैं। तेलंगाना की 119 सदस्यीय विधानसभा में बीआरएस के सदस्यों की आधिकारिक संख्या 37 है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़