देशभर के किसान अपनी मांगों के साथ पहुंचे दिल्ली के रामलीला मैदान

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 29, 2018   12:42
देशभर के किसान अपनी मांगों के साथ पहुंचे दिल्ली के रामलीला मैदान

देश भर से हजारों किसान कर्ज में राहत और उपज के उचित मूल्य समेत अपनी कई मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए दो दिन के प्रदर्शन के लिए बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी में जुटने शुरू हो गए।

नयी दिल्ली। देश भर से हजारों किसान कर्ज में राहत और उपज के उचित मूल्य समेत अपनी कई मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए दो दिन के प्रदर्शन के लिए बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी में जुटने शुरू हो गए। किसान नेताओं ने बताया कि आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों के किसान तीन बड़े रेलवे स्टेशनों आनंद विहार, निजामुद्दीन तथा सब्जीमंडी के बिजवासन से आएंगे और राष्ट्रीय राजधानी में चार अलग मार्गों पर मार्च करेंगे। 

इसे भी पढ़ें: कांग्रेस का सहारा लेने की बजाय खुद अपना आंदोलन आगे बढ़ाएं किसान

मार्च करने वाले सभी किसान शाम तक रामलीला मैदान पर एकत्रित हो जाएंगे। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के किसान सुबह साढ़े दस बजे तक आने शुरू हो गए। अखिल भारतीय किसान सभा की दिल्ली इकाई में पदाधिकारी कमला ने बताया कि किसान मजनूं के टीला पर भी पहुंच गए हैं, वहां से वे रामलीला मैदान जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि दोपहर तीन बजे तक देशभर के किसान रामलीला मैदान में आ जाएंगे।’ पुलिस ने बताया कि शुक्रवार की रैली के लिए उन्होंने व्यापक बंदोबस्त किए हैं। उस दिन वह रामलीला मैदान से संसद मार्ग तक मार्च करेंगे।

इसे भी पढ़ें: कर्जे माफ करने से किसानों की समस्याएं हल नहीं होंगी

किसानों के समर्थक ट्विटर पर आम लोगों से मार्च में शामिल होने का अनुरोध कर रहे हैं। राजनीतिक कार्यकर्ता योंगेंद्र यादव ने ट्वीट किया, ‘किसान मुक्ति मार्च शुरू करने जा रही महिला किसानों ने बिजवासन में हमारा अभिवादन किया। आप किसान नहीं हैं तो भी हमारे साथ आएं। उन हाथों को थामें जो हमारा पेट भरते हैं। जय किसान।’ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने भी ट्वीट में लिखा कि किसानों के साथ खड़े होने की जरूरत है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...