Amit Shah Office के बाहर TMC सांसदों का प्रदर्शन, पुलिस ने हिरासत में लिया तो भड़कीं Mahua Moitra

प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और आरोप लगाया कि लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश हो रही है। हालात तब और गंभीर हो गए जब दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी सांसदों को हिरासत में लेना शुरू किया।
देश की राजधानी दिल्ली में राजनीतिक तापमान उस समय अचानक बढ़ गया जब तृणमूल कांग्रेस के कई सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा, राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन और कीर्ति आजाद भी शामिल थे। प्रदर्शन का कारण राजनीतिक रणनीति से जुड़ी संस्था आई-पैक और उससे संबंधित लोगों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी थी। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को डराने और चुनावी तैयारियों को बाधित करने के लिए किया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और आरोप लगाया कि लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश हो रही है। हालात तब और गंभीर हो गए जब दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी सांसदों को हिरासत में लेना शुरू किया। सांसदों को हिरासत में लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने ले जाया गया। तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने इसे सत्ता का दुरुपयोग करार दिया। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उनका कहना है कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए डर और दमन का सहारा लिया जा रहा है।
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वहीं केंद्र सरकार का पक्ष है कि प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है और इसमें किसी प्रकार की राजनीतिक मंशा नहीं है। पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति प्रदर्शन करने के कारण कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। उधर, पुलिस हिरासत से छूटने के बाद तृणमूल सांसदों ने केंद्र सरकार को जमकर घेरा। TMC सांसद कीर्ति आज़ाद ने I-PAC ऑफिस पर ED की छापेमारी पर कहा, "हम लोग शांतिपूर्ण तरीके से अमित शाह के कार्यालय के बाहर ED की छापेमारी के विरूद्ध प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन प्रश्न उठता है कि ED की रेड विशेष तौर पर और जबरदस्ती तौर पर क्यों किए जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि अमित शाह ने खुद कहा था कि हिमंत बिस्वा सरमा को जेल में जालेंगे, अजीत पवार के विरूद्ध प्रधानमंत्री ने कहा था कि 70 हजार करोड़ का घोटाला हुआ था, बंगाल के एक नेता सुवेंदु अधिकारी को भी 5 लाख रुपये की हेरा-फेरी करते देखा गया था। क्या ED केवल उन विरोधियों के खिलाफ काम कर रही है जिसके खिलाफ वे (भाजपा) जीत नहीं सकते? क्या भाजपा की हिम्मत नहीं कि वे वहां (पश्चिम बंगाल) आकर ममता बनर्जी के खिलाफ जीत सकें? कीर्ति आजाद ने कहा कि आज 2 बजे हमारी नेत्री कोलकाता की सड़कों पर मार्च करेंगी ED के असंवैधानिक कार्रवाई पर। गैर राजनीतिक रूप से हम पर जो कार्रवाई की गई है उसके खिलाफ हमें कुछ नहीं कहना, यह जो भी किया गया है, जो भी रेड हुई है वह उचित नहीं अनुचित है।"
वहीं TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, "हमें हिरासत में लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन लाया गया है। हम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर शांति से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, जिन्होंने अपने प्रवर्तन निदेशालय, 'वसूली निदेशालय' को हमारी पार्टी पर लूटपाट करने, राजनीतिक जासूसी करने और हमारे चुनाव डेटा और दस्तावेज़ चुराने के लिए भेजा। वे हमें, जन प्रतिनिधियों को, यहाँ घसीटकर लाए, ED सिर्फ़ विपक्ष के लिए ही क्यों है? किसी और विपक्षी नेता में वह हिम्मत नहीं है जो दीदी (ममता बनर्जी) ने कल हमारी पार्टी के दस्तावेज़ बचाने के लिए किया।"
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