किसान भारत बंद के समर्थन में ट्रेड यूनियनों ने जंतर-मंतर पर दिया धरना

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 27, 2021   15:45
किसान भारत बंद के समर्थन में ट्रेड यूनियनों ने जंतर-मंतर पर दिया धरना

भारत बंद के बीच व्यापार संघों ने किसानों के समर्थन में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया।तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने और सभी के लिए समान अवसर की मांग करते हुए प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने ‘‘किसान एकता जिंदाबाद’’ के बैनर पकड़ रखे थे।

नयी दिल्ली। केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा आहूत भारत बंद के समर्थन में व्यापार संघों और नागरिक समाज समूहों के एक वर्ग ने सोमवार को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने लोगों से बंद में शामिल होने की बृहस्पतिवार को अपील की थी। तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने और सभी के लिए समान अवसर की मांग करते हुए प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने ‘‘किसान एकता जिंदाबाद’’ के बैनर पकड़ रखे थे।

इसे भी पढ़ें: किसानों का भारत बंद, यूपी-हरियाणा से लेकर पंजाब तक सड़क जाम, ट्रेनों की रफ्तार पर भी ब्रेक

अखिल भारतीय केंद्रीय व्यापार संघ परिषद (एआईसीसीटीयू), सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू), अखिल भारतीय किसान सभा, जनवादी महिला समिति और यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (यूटीयूसी) सहित कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और किसानों से जुड़े मुद्दों के अलावा भी कई अन्य मुद्दों पर आवाज उठाई। गौरतलब है कि देश के विभिन्न हिस्सों, विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान, पिछले साल नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी केन्द्र के तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। किसानों को भय है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली खत्म हो जाएगी। हालांकि, सरकार इन कानूनों को प्रमुख कृषि सुधारों के रूप में पेश कर रही है। दोनों पक्षों के बीच 10 दौर से अधिक की बातचीत हो चुकी है, लेकिन सभी बेनतीजा रहीं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।