त्विषा शर्मा मौत मामला: एम्स दिल्ली की रिपोर्ट में जिम्नास्टिक बेल्ट पर मिले त्वचा के ऊतक

पूर्व मॉडल त्विषा शर्मा की मौत के मामले में एम्स दिल्ली के मेडिकल बोर्ड ने सीबीआई को अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में पुष्टि की गई है कि घटना में इस्तेमाल की गई जिम्नास्टिक बेल्ट पर मृतका के त्वचा के ऊतक मिले हैं। यह बेल्ट त्विषा की गर्दन पर मिले चोट के निशानों से पूरी तरह मेल खाती है।
पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की मौत के मामले में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली की अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आ गई है। सूत्रों के मुताबिक, एम्स के मेडिकल बोर्ड ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी रिपोर्ट में पुष्टि की है कि घटना में जिम्नास्टिक बेल्ट का इस्तेमाल किए जाने की पूरी आशंका है। प्रयोगशाला जांच में इस बेल्ट पर मृतका की त्वचा के ऊतक (स्किन टिश्यू) पाए गए हैं, जो उनकी गर्दन पर मिले चोट के निशान और पैटर्न से मेल खाते हैं।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद गठित पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने अपनी 11 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सीबीआई को सौंप दी है। एम्स दिल्ली में गत 24 मई को त्विषा का दूसरा पोस्टमार्टम किया गया था। इससे पहले भोपाल एम्स में हुए शुरुआती पोस्टमार्टम में कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकल पाया था, क्योंकि कथित तौर पर फंदा लगाने के लिए इस्तेमाल की गई सामग्री को जांच बोर्ड के सामने पेश नहीं किया गया था। बाद में पुलिस ने जिम्नास्टिक बेल्ट को जब्त कर दिल्ली एम्स के विशेषज्ञों को सौंपा था।
एम्स दिल्ली के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि मेडिकल बोर्ड ने इस निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बेहद बारीकी से वैज्ञानिक जांच की है। उन्होंने कहा कि यह विस्तृत राय पूरी तरह से वैज्ञानिक आधारों पर तैयार की गई है, जो सीबीआई और न्यायपालिका के लिए सच्चाई और न्याय के हित में बेहद मददगार साबित होगी। हालांकि, अदालत के आदेशों के कारण उन्होंने इस रिपोर्ट के बारे में और अधिक जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया।
त्विषा शर्मा की शादी पिछले साल दिसंबर में वकील समर्थ सिंह से हुई थी। इसके बाद, बीती 12 मई को भोपाल स्थित ससुराल में उनका शव फंदे से लटका हुआ मिला था। मामले की दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, समर्थ उन्हें अस्पताल ले गया था और दावा किया था कि त्विषा ने रात को करीब 10 बजकर 20 मिनट पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि त्विषा को मृत अवस्था में लाया गया था, जिसके बाद पुलिस ने मेडिको-लीगल मामला दर्ज किया था।
त्विषा के परिजनों का आरोप है कि शादी में दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं होने के कारण ससुराल वाले उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे और उनके साथ घरेलू हिंसा की जा रही थी। परिजनों के मुताबिक, घटना की रात 9 बजकर 41 मिनट पर त्विषा ने अपनी मां से बात की थी, जिस दौरान समर्थ के चिल्लाने की आवाज आई और फोन कट गया था। बाद में कई प्रयासों के बाद जब फोन उठा, तो त्विषा की सेवानिवृत्त जज सास गिरीबाला सिंह ने सिर्फ इतना कहा कि 'वह अब नहीं रही' और फोन काट दिया। शुरुआती जांच में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिवार ने हाईकोर्ट का रुख किया था, जिसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।
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