Twisha Sharma Death Case: AIIMS ने फॉरेंसिक रिपोर्ट CBI को सौंपी, जिम्नास्टिक बेल्ट बनी अहम सबूत

Twisha Sharma death case
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एकता । Jul 12 2026 12:24PM

अभिनेत्री ट्विशा शर्मा मौत मामले में एम्स की फॉरेंसिक रिपोर्ट सीबीआई को मिल गई है, जिसमें जिम्नास्टिक बेल्ट को एक महत्वपूर्ण सबूत के तौर पर स्थापित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार बेल्ट पर मिले त्वचा के अंश ट्विशा के गले की चोटों से मेल खा सकते हैं, जिससे मौत की गुत्थी सुलझाने में जांच एजेंसी को बड़ी मदद मिलेगी।

अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत की जांच में एक नया और बेहद महत्वपूर्ण मोड़ आया है। एक जिम्नास्टिक बेल्ट, जिसे कथित तौर पर ट्विशा के पहले पोस्टमॉर्टम के दौरान डॉक्टरों के सामने पेश नहीं किया गया था, अब इस मामले का सबसे अहम सबूत बनकर उभरी है। दिल्ली एम्स के मेडिकल बोर्ड ने इस मामले में 11 पन्नों की एक गोपनीय फॉरेंसिक रिपोर्ट सीबीआई को बंद लिफाफे में सौंप दी है। एम्स के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने पुष्टि की है कि रिपोर्ट सौंप दी गई है, लेकिन अदालत के आदेश के कारण इसकी जानकारियां अभी गुप्त रखी गई हैं।

बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लैब और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच में उस जिम्नास्टिक बेल्ट पर स्किन टिश्यू पाए गए हैं, जिसमें एक लोहे का छल्ला लगा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि ये निष्कर्ष इशारा करते हैं कि इस बेल्ट से लगने वाली चोटें ट्विशा के गले पर मिले निशानों से मेल खा सकती हैं। हालांकि, फॉरेंसिक रिपोर्ट अकेले यह तय नहीं करती कि ट्विशा ने आत्महत्या की थी, उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया था या उनकी हत्या हुई थी। लेकिन इससे इस मुख्य सवाल का जवाब मिल सकता है कि क्या फांसी लगाने के लिए सच में इसी जिम्नास्टिक बेल्ट का इस्तेमाल किया गया था। अब सीबीआई इस रिपोर्ट की मदद से 12 मई को भोपाल में ट्विशा की मौत के आखिरी पलों का पूरा दृश्य दोबारा तैयार कर सकती है।

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पहली जांच और पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल

यह जिम्नास्टिक बेल्ट शुरुआत से ही इस मामले के विवादों के केंद्र में रही है। ट्विशा के परिवार ने बार-बार यह सवाल उठाया था कि जब पहली बार पोस्टमॉर्टम हुआ, तब डॉक्टरों को यह बेल्ट क्यों नहीं दिखाई गई। उस समय बेल्ट न होने के कारण डॉक्टर ट्विशा के गले के निशानों और चोटों का मिलान बेल्ट के आकार और उसके मेटल रिंग से नहीं कर पाए थे।

इस मामले में भोपाल पुलिस ने भी माना था कि फॉरेंसिक टीम ने बेल्ट को अपने कब्जे में तो ले लिया था, लेकिन उसे समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। तत्कालीन पुलिस कमिश्नर ने कहा था कि इस देरी की अलग से जांच की जा सकती है, लेकिन इससे मुख्य जांच पर कोई असर नहीं पड़ा। दूसरी तरफ, ट्विशा के परिवार और उनके वकीलों ने इस बात का कड़ा विरोध किया था। उनका कहना था कि पहली जांच के समय बेल्ट का न होना एक बड़ी चूक थी, जिससे वैज्ञानिक तरीके से सच सामने आने का मौका हाथ से निकल गया। अब एम्स की इस रिपोर्ट ने बेल्ट और चोटों के बीच एक सीधा संबंध साबित कर दिया है।

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क्या है पूरा मामला?

ट्विशा शर्मा की शादी एडवोकेट समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के छह महीने के भीतर ही 12 मई को भोपाल में उनके ससुराल के घर में उनकी लाश फंदे से लटकी मिली थी। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या मानकर चल रही थी, लेकिन ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था और उनकी मौत के हालात बेहद संदिग्ध हैं।

इस मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। आरोपी समर्थ सिंह ने शुरुआत में भागने के बाद अदालत में सरेंडर कर दिया था। फिलहाल समर्थ और उनकी मां गिरिबाला सिंह दोनों न्यायिक हिरासत में हैं।

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