सहारनपुर की पटाखा फैक्टरी में जोरदार विस्फोट, दो श्रमिकों की मौत और दो लापता

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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नया गांव में एक पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट में दो श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लापता हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और फैक्टरी को सील कर दिया गया है।

सहारनपुर, 24 जुलाई उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नया गांव में शुक्रवार शाम पटाखा बनाने वाली एक फैक्टरी में हुए जोरदार विस्फोट में दो श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग लापता हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, गंगोह थाना क्षेत्र स्थित राणा फायर वर्क्स फैक्टरी में शाम करीब पांच बजे विस्फोट हुआ।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि विस्फोटक सामग्री के रखरखाव या उसके इस्तेमाल में लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) (एएसपी) मयंक पाठक ने पीटीआई- को बताया कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। फैक्टरी से उठते काले धुएं के गुबार को देखकर आसपास के गांवों में दहशत फैल गई।

उन्होंने बताया कि विस्फोट की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस तथा अग्निशमन विभाग की टीम ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। पाठक ने बताया कि मृतकों की पहचान मध्यप्रदेश के इंदौर निवासी दीपक (23) और संदीप (25) के रूप में हुई है। विस्फोट में दोनों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे, जिससे उनकी पहचान करने में कठिनाई हुई।

घटना के बाद जिलाधिकारी अरविंद चौहान और पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिनंदन समेत ज़िले के वरिष्ठ अधिकारियों ने फैक्टरी का दौरा किया और विस्तृत जांच के आदेश दिए। उन्होंने बताया कि फैक्टरी में मौजूद एक ठेकेदार और उसका एक कर्मचारी लापता बताए जा रहे हैं और उन्हें खोजने की कोशिशें जारी हैं। अभिनंदन ने बताया कि लापता लोगों की पहचान आकाश रावत और लालू के तौर पर हुई है।

उनकी तलाश की जा रही है। एएसपी ने बताया कि विस्फोट से फैक्टरी भवन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। फैक्टरी में काम करने वाले श्रमिकों ने पुलिस को बताया कि वहां दीपावली के लिए पटाखे बनाए जा रहे थे और परिसर में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी गई थी।

पुलिस ने बताया कि यह फैक्टरी पिछले पांच वर्षों से इसी स्थान पर संचालित हो रही थी। जिलाधिकारी चौहान ने बताया कि फैक्टरी को सील कर दिया गया है और धमाके के कारण का पता लगाने के लिए उप जिलाधिकारी (एसडीएम) के ज़रिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि विस्फोटक के विशेषज्ञों की एक टीम मौके पर पहुंच गई है, जबकि फॉरेंसिक टीम ने भी जांच के लिए सबूत इकट्ठा किए हैं।

चौहान ने कहा कि फैक्टरी का लाइसेंस 2028 तक वैध है, लेकिन एसडीएम को यह जांचने का निर्देश दिया गया है कि क्या लाइसेंस की शर्तों या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ, जिसके कारण धमाका हुआ।

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