Udhayanidhi Stalin का आरोप, तमिलनाडु में मुफ्त राशन का चावल पॉलिश कर 30 रुपये किलो बेच रही सरकार

तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया है कि राज्य की सहकारी दुकानों में मुफ्त राशन वाले चावल को पॉलिश कर 30 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है। द्रमुक नेता ने खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का दावा करते हुए कहा कि 2.28 करोड़ राशन कार्डधारकों के बीच यह आपूर्ति सिर्फ 250 केंद्रों तक सीमित है।
तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार पर आरोप लगाया है कि राज्य की सहकारी दुकानों में मुफ्त राशन के चावल को पॉलिश करके उसे उच्च गुणवत्ता वाला ‘सन्ना रागा पोन्नी’ चावल बताकर 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है। पूरे तमिलनाडु में उपभोक्ताओं से मिली शिकायतों का हवाला देते हुए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता ने राज्य सरकार पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया और चावल की खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया, “सरकार ने घोषणा की थी कि चावल की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए सहकारी दुकानों से 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उच्च गुणवत्ता वाला पोन्नी चावल खरीदा जा सकता है।
लेकिन राज्यभर के लोग शिकायत कर रहे हैं कि सामान्य तौर पर मुफ्त राशन के तहत वितरित किए जाने वाले चावल को केवल पॉलिश करके इसी नाम से बेचा जा रहा है।’’ स्टालिन ने दावा किया कि कंबम क्षेत्र में जब लोगों ने इस पॉलिश किए गए चावल को लेकर टीवीके के एक विधायक से सवाल किए, तो वह मौके से भाग गए। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में 2.28 करोड़ राशन कार्डधारकों के बावजूद इस चावल की आपूर्ति केवल 250 स्थानों तक सीमित है जिसमें प्रत्येक परिवार के लिए पांच किलोग्राम सीमा तय की गई है। इसके बावजूद लगातार शिकायतें मिल रही हैं।
उदयनिधि ने पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि 2007 में आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने खुली निविदा प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शी विशेष सार्वजनिक वितरण प्रणाली शुरू की थी जिसके तहत रियायती दरों पर पाम तेल, दालें और अन्य खाद्य वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती थीं।
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