केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बोले, कोविड-19 से प्रभावित अर्थव्यवस्था में और नकदी की है जरूरत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मई 27, 2020   07:18
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बोले, कोविड-19 से प्रभावित अर्थव्यवस्था में और नकदी की है जरूरत

सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं सूक्ष्म-मध्यम-लघु उद्योग (एमएसएमई) मंत्री ने कहा कि इससे केंद्र सरकार द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ के पैकेज सहित 50 लाख करोड़ रुपये की तरलता बाजार में आएगी जिससे अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 की वजह पड़े विपरीत असर का मुकाबला करने में मदद मिलेगी।

नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि कोरोना वायरस से प्रभावित अर्थवस्था को गति देने के लिए बाजार में और नकदी डालने की जरूरत है और राज्य सरकारों को 20 लाख करोड़ रुपये मुहैया कराने चाहिए जबकि और 10 लाख करोड़ रुपये सार्वजनिक-निजी साझेदारी के निवेश से आ सकते हैं। सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं सूक्ष्म-मध्यम-लघु उद्योग (एमएसएमई) मंत्री ने कहा कि इससे केंद्र सरकार द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ के पैकेज सहित 50 लाख करोड़ रुपये की तरलता बाजार में आएगी जिससे अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 की वजह पड़े विपरीत असर का मुकाबला करने में मदद मिलेगी। 

इसे भी पढ़ें: बड़े उद्योगों और सरकारी एजेंसियों पर MSME का लगभग 5 लाख करोड़ रुपये बकाया: गडकरी

उन्होंने कहा, ‘‘ मौजूदा परिस्थितियां बहुत गंभीर है...पूरी दुनिया मुश्किल का सामना कर रही है।’’ मंत्री ने रेखांकित किया कि संकट से मुकाबले के लिए अमेरिका ने दो ट्रिलियन डॉलर के पैकेज की घोषणा की है जबकि जापान ने अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 12 प्रतिशत के बराबर पैकेज की घोषणा की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित पैकेज जीडीपी के 10 प्रतिशत के बराबर है। गडकरी ने कहा, ‘‘कोविड-19 से प्रभावित अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अब और अधिक संसाधन जुटाये जा सकते हैं और राज्य और 20 लाख करोड़ रुपये का बजट मुहैया करा सकते हैं और न्यूनतम 10 लाख करोड़ रुपये सार्वजनिक निजी निवेश से आ सकते हैं। इससे अर्थव्यवस्था में 50 लाख करोड़ रुपये आने से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।