• भारत बंद 2021: संयुक्त किसान मोर्चा को मिल रहा इन पार्टियों का समर्थन

अंकित सिंह Sep 27, 2021 13:02

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी इसको लेकर ट्वीट किया। अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट में लिखा कि संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद को सपा का पूर्ण समर्थन है। देश के अन्नदाता का मान न करनेवाली दंभी भाजपा सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार खो चुकी है।

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन पिछले 11 महीनों से जारी है। इन सब के बीच आज संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से 10 घंटे के भारत बंद का आह्वान किया गया है। इसको लेकर लगातार राजनीति भी हो रही है। संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा बुलाए गए भारत बंद का असर भी देखने को मिल रहा है। पंजाब, हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई एनएच पूरी तरह से जाम हैं। कई जगह ट्रेनों के परिचालन पर भी भारत बंद का असर पड़ रहा है। कर्नाटक, बिहार, पश्चिम बंगाल में भी अलग अलग राजनीतिक दलों ने इस किसान आंदोलन का समर्थन किया है और बंद बुलाया है। 

इसे भी पढ़ें: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का शुभारंभ, PM मोदी बोले- गरीबों के इलाज में होने वाली परेशानी होगी दूर

इन पार्टियों का साथ

इन सबके बीच कई दलों ने खुलकर किसानों द्वारा बुलाए गए भारत बंद का समर्थन किया है। इनमें ज्यादातर दल भाजपा विरोधी हैं। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, तेलुगू देशम पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, वामदल और स्वराज इंडिया शामिल हैं। कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पहले ही कह दिया था कि उनकी पार्टी किसानों द्वारा बुलाए गए भारत बंद का समर्थन करती है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केन्द्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के भारत बंद का समर्थन किया और कहा कि किसानों का अहिंसक सत्याग्रह अखंड है। गांधी ने ट्वीट किया, किसानों का अहिंसक सत्याग्रह आज भी अखंड है,लेकिन शोषण करने वाली सरकार को ये नहीं पसंद है, इसलिए आज भारत बंद है। 

इसे भी पढ़ें: किसान संगठनों ने बुलाया एक दिवसीय भारत बंद, कहा - सरकार दबा रही है हमारी आवाज

सपा और बसपा का बयान

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी इसको लेकर ट्वीट किया। अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट में लिखा कि संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद को सपा का पूर्ण समर्थन है। देश के अन्नदाता का मान न करनेवाली दंभी भाजपा सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार खो चुकी है। किसान आंदोलन भाजपा के अंदर टूटन का कारण बनने लगा है। साथ ही साथ मायावती ने भी इसको लेकर ट्वीट किया है। मायावती ने लिखा कि केन्द्र व यूपी सरकार की किसान-विरोधी नीतियों से पूरा किसान समाज काफी दुःखी व त्रस्त है, लेकिन अब चुनाव से पहले अपनी फेस सेविंग के लिए गन्ना का समर्थन मूल्य थोड़ा बढ़ाना खेती-किसानी की मूल समस्या का सही समाधान नहीं। ऐसे में किसान इनके किसी भी बहकावे में आने वाला नहीं है।