UP Police ने साइबर अपराध से जुड़े 635 करोड़ रुपये विभिन्न बैंकों में कराए फ्रीज

पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने लखनऊ में पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम के दौरान बताया कि राज्य पुलिस ने पिछले एक साल में साइबर अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए 635 करोड़ रुपये विभिन्न बैंकों में सुरक्षित कराए हैं। इस कदम से हजारों नागरिकों की गाढ़ी कमाई साइबर ठगों के हाथों में जाने से बच सकी। इसके साथ ही नशा तस्करी और सड़क हादसों में कमी लाने के लिए उठाए गए कदमों का भी ब्योरा साझा किया गया।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने बुधवार को कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने पिछले एक साल में साइबर अपराध से जुड़े मामलों में 635 करोड़ रुपये ‘फ्रीज’ कराए हैं। पुलिस स्मृति दिवस पर यहां आयोजित कार्यक्रम में कृष्ण ने कहा कि अपराध और अपराधियों को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति के तहत पुलिस के कामकाज में सुधार के लिए 10 प्राथमिकताएं तय की गई हैं, जिनमें छोटे अपराधों पर अंकुश लगाने के साथ गिरोहबंद अपराधियों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई शामिल है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के मामलों में विभिन्न बैंकों में 635 करोड़ रुपये ‘फ्रीज’ कराने से हजारों लोगों की धनराशि सुरक्षित रखने में मदद मिली।
डीजीपी ने बताया कि जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट पहल समेत सड़क सुरक्षा उपायों से 2025 की पहली छमाही की तुलना में 2026 की पहली छमाही में दुर्घटनाओं में नौ प्रतिशत और मौतों में 10 प्रतिशत की कमी आई तथा इन प्रयासों से 1,000 से अधिक लोगों की जान बचाने में मदद मिली। नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2026 में अब तक छह हजार से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया, 36 हजार किलोग्राम से ज्यादा मादक पदार्थ जब्त किया गया और 26 गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया। कृष्ण ने कहा कि पुलिस तस्करों के नेटवर्क, अवैध कमाई और तस्करी में इस्तेमाल होने वाले साधनों को भी कार्रवाई की जद में ला रही है।
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