UP में Zero Tolerance नीति से दुष्ट शक्तियों का हुआ दमन, CM Yogi बोले- बना भयमुक्त माहौल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन सरकार की अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति ने दुष्ट ताकतों को दबाकर भयमुक्त माहौल बनाया है। उन्होंने मिशन शक्ति, 1090 हेल्पलाइन और सेफ सिटी जैसी पहलों का जिक्र किया। सीएम ने बताया कि यूपी पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम 2016 के 65 मिनट से घटकर अब पांच मिनट रह गया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में अपराध के प्रति 'डबल इंजन' सरकार के 'जीरो टॉलरेंस' (सख्त रुख) की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इससे "दुष्ट ताकतों" पर लगाम लगी है, कानून का शासन मजबूत हुआ है और पूरे राज्य में भयमुक्त माहौल बना है। 17 अक्टूबर को 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में, मुख्यमंत्री ने अपराध के खिलाफ अपने प्रशासन के रुख और महिलाओं की सुरक्षा व सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाने के लिए देवी कालरात्रि के दिव्य स्वरूप का उल्लेख किया।
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उन्होंने लिखा कि देवी कालरात्रि का दिव्य स्वरूप—जो दुष्ट शक्तियों, राक्षसों और ‘रक्तबीज’ (लगातार फैलने वाली बुराई का प्रतीक) जैसी ताकतों का विनाश करती हैं, धर्म की स्थापना करती हैं और अपने भक्तों को निर्भयता प्रदान करती हैं—एक गहरा संदेश देता है: अधर्म, अत्याचार और आतंक का समूल नाश ही वह आधार है, जिस पर न्याय, शांति और निर्भयता से युक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले के उस दौर को याद किया, जब राज्य में माफियाओं, दंगाइयों और अपराधियों के कारण भय और अव्यवस्था का माहौल था। इससे महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई थीं। उन्होंने कहा कि पिछले 9.5 वर्षों में, ‘डबल-इंजन’ सरकार की अपराध और अपराधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ (सख्त बर्दाश्त न करने) की नीति ने इन दुष्ट शक्तियों को दबा दिया है, जिससे पूरे राज्य में कानून का शासन स्थापित हुआ है और भयमुक्त वातावरण बना है।
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मुख्यमंत्री ने ‘मिशन शक्ति’, एकीकृत 1090 हेल्पलाइन, महिलाओं पर केंद्रित ‘बीट पुलिसिंग’ और ‘सेफ सिटी’ परियोजना जैसी पहलों के प्रभाव पर प्रकाश डाला। इन प्रयासों ने महिलाओं के लिए उनके घरों से लेकर सार्वजनिक स्थानों, शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों तक एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया है। उन्होंने पुलिस की प्रतिक्रिया समय (रिस्पॉन्स टाइम) में आए बड़े सुधार का भी उल्लेख किया। 2016 में जो समय 65 मिनट हुआ करता था, वह अब घटकर केवल पांच मिनट रह गया है। यह कानून-व्यवस्था बनाए रखने और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सरकार की तत्परता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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