उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा- उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में बना रहा है विशिष्ट स्थान

dinesh sharma
उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि मोदी-योगी सरकार ने आम जनमानस को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी जिन्दगी बदल दी है। निःशुल्क गैस, आवास, शौचालय आदि वह बुनियादी सुविधाएं हैं जिनके लिए जनता को 70 साल का लम्बा इंतजार करना पड़ा है।

भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अन्तर्गत गठित टेक्सटाइल कमेटी, भारत सरकार के विकास आयुक्त हैण्डलूम, भारत सरकार के विकास आयुक्त हैण्डीक्राफ्ट तथा उत्तर प्रदेश सरकार के निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो के संयुक्त तत्वावधान में उत्पादों को भौगोलिक उपदर्शन रजिस्ट्री (जी.आई.) दिलाने हेतु एक वेबिनार का आयोजन बुधवार, दिनांक 25 अगस्त को किया गया। वेबिनार के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि अपर मुख्य सचिव सुक्ष्म, लघू एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन, उत्तर प्रदेश शासन श्री नवनीत सहगल थे। वेबिनार की अध्यक्षता वस्त्र आयुक्त भारत सरकार सुश्री रूपराशि ने की। मुख्य कार्यकारी अधिकारी टेक्सटाइल कमेटी श्री अजीत वी चावन के संयोजन में वेबिनार सम्पन्न हुआ।

वेबिनार में नवनीत  सहगल ने उत्पादों को जी.आई. दिये जाने की आवश्यकता पर महत्व देते हुए बताया कि इससे न केवल उत्पादों को उनकी उत्पत्ति के स्थान के साथ जाना जा सकता है बल्कि वर्तमान में चल रही विपणन की स्पर्द्धा में ऐसे उत्पादों को प्राथमिकता मिल सकती है। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हुए ट्रिप्स एग्रीमेंट के अनुसार उत्पादों का इस प्रकार का जी.आई. पंजीकरण आवश्यक भी है। उत्तर प्रदेश में अब तक 27 उत्पादों को जी.आई. मिल चुका है। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश निर्यात संवर्धन परिषद तथा उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो के माध्यम से 10 और उत्पादों के जी.आई. पंजीकरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इनमें बरेली के टेराकोटा उत्पाद, सीतापुर की दरी, रामपुर का पैचवर्क और मऊ की साड़ी प्रमुख हैं। श्री सहगल ने बताया कि वर्तमान समय में आवश्यकता इस बात की है कि कारीगरों को जी.आई. का महत्व तथा जी.आई. एक्ट 1999 के प्राविधानों से ऐसे उत्पादों को मिली सुरक्षा के बारे में बताया जाए जिससे वे लाभान्वित हो सके। उत्पादों की जी.आई. कराने के लिए टैक्सटाइल कमेटी में भी एक विशेष प्रकोष्ठ बनाया जाए। इसके लिए प्रचार-प्रसार, कार्यशालाएं तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाया जाए। इस दिशा में यह वेबिनार बहुत सफल रहेगा। वेबिनार के तकनीकी सत्र में उपनिदेशक, टेक्सटाइल कमेटी डॉ. टी के राउत ने टेक्सटाइल तथा हैण्डीक्राफ्ट के क्षेत्र में जी.आई. की आवश्यकता तथा इससे होने वाले लाभों को बताया। उपनिदेशक, हैण्डलूम तथा हैण्डीक्राफ्ट मध्य प्रदेश श्री महेश गुलाटी ने चंदेरी साड़ी का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए जी.आई. के लाभ बताए। निदेशक तथा जनरल सेकरेट्री, हयूमन वेल फेयर एशोसिएशन वाराणसी डॉ. रजनी कांत ने उत्तर प्रदेश के उत्पादों को जी.आई. दिलाने की प्रक्रिया समझाते हुए जी.आई. से उत्पादों को अधिक मूल्य मिलने की जानकारी दी। संयुक्त आयुक्त, उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो श्री पवन अग्रवाल ने प्रदेश के जी.आई. उत्पादों के बारे में जानकारी देते हुए उत्पादों का जी.आई. पंजीकरण कराने में ब्यूरों की भूमिका से सभी को अवगत कराया। तकनीकी सत्र में श्री एस.कृष्ण कुमार, श्री सचिन सात्वी ने भी जी.आई. विशेषज्ञ के रूप में प्रस्तुतीकरण दिया। वेबिनार में प्रदेश के सभी उपायुक्त, उद्योग ने भी भाग लिया।

महिला आयोग की अध्यक्ष द्वारा लखनऊ में की गई महिला जन सुनवाई

उ.प्र. राज्य महिला आयोग द्वारा प्रदेश में महिला उत्पीड़न की घटनाओं पर रोकथाम और पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाये जाने के उद्देश्य से मा. अध्यक्ष श्रीमती विमला बाथम द्वारा आज दिनांक 25.08.2021 को आयोग मुख्यालय लखनऊ पर महिला जनसुनवाई की गयी। सुनवाई के दौरान 13 प्रकरणों का निस्तारण किया गया, शेष प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही कर प्रगति आख्या उपलब्ध कराने हेतु सम्बन्धित को निर्देश दिये गये। आयोग मुख्यालय पर विभिन्न जनपदों से आये 15 पीड़ित आवेदिकाओं/आवेदकों द्वारा दिये गये नवीन प्रार्थना पत्रों व साथ ही विभिन्न माध्यमों से आयोग कार्यालय में प्राप्त नवीन प्रार्थना पत्रों पर त्वरित कार्यवाही करने के भी निर्देश दिये गये। इसके अतिरिक्त आज दिनांक 25.08.2021 को मा. अध्यक्ष श्रीमती विमला बाथम के निर्देशानुसार प्रदेश के 21 जनपदों में क्रमशः बिजनौर, वाराणसी, सोनभद्र, बस्ती, शाहजहॉपुर, देवरिया, मेरठ, बागपत, जालौन, महोबा, कानपुर देहात, चन्दौली, फतेहपुर, कन्नौज, उन्नाव, जौनपुर, सुल्तानपुर, कुशीनगर, पीलीभीत, मऊ व हरदोई में आयोग की मा. उपाध्यक्ष (द्वय) श्रीमती सुषमा सिंह, श्रीमती अंजु चौधरी एवं मा. सदस्यों के द्वारा ‘‘उ.प्र. सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलायी जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक किया गया एवं मौके पर उपस्थित पुलिस अधिकारियों के साथ पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण कराया गया।

नाबार्ड वित्त पोषित आर0आई0डी0एफ0 योजना के अन्तर्गत विभिन्न जनपदों के चालू सम्पर्क मार्गों हेतु रू 06 करोड़ 30 लाख 94 हजार की धनराशि की गयी अवमुक्त

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में नाबार्ड वित्त पोषित आर0आई0डी0एफ0 योजना के अन्तर्गत विभिन्न जनपदों के चालू सम्पर्क मार्गों हेतु रू 06 करोड़ 30 लाख 94 हजार की धनराशि अवमुक्त की गयी है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा आवश्यक शासनादेश जारी कर दिया गया है। विभिन्न चालू कार्यों में जनपद अम्बेडकरनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, बहराइच, गोरखपुर, खीरी, रायबरेली तथा सीतापुर आदि सम्मिलित हैं। जारी शासनादेश में प्रमुख अभियंता (विकास ) एवं विभागाध्यक्ष लोक निर्माण विभाग निर्देशित किया गया धनराशि केवल निर्धारित परियोजनाओं पर मानक और विशिष्टयों के अनुरूप ही व्यय की जाए तथा इसका उपयोग अन्य किसी प्रयोजन के लिए नहीं किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्याे को समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाए।

व्यापार विकास निधि योजना के अन्तर्गत विभिन्न जनपदों के 04 चालू ग्रामीण मार्गों हेतु रू 05 करोड़ 15 लाख 70 हजार की धनराशि की गयी अवमुक्त

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में व्यापार विकास निधि योजना के अन्तर्गत विभिन्न जनपदों के 04 चालू ग्रामीण मार्गों हेतु रू. 05 करोड़ 15 लाख 70 हजार की धनराशि अवमुक्त की गयी है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा आवश्यक शासनादेश जारी कर दिया गया है। इन 04 कार्यों में जनपद बिजनौर तथा बलरामपुर के 02-02 कार्य सम्मिलित हैं। जारी शासनादेश में निर्देश दिये गये हैं कि धनराशि केवल निर्धारित परियोजनाओं पर मानक और विशिष्टयों के अनुरूप ही व्यय की जाए तथा कार्यों को ससमय पूर्ण किया जाय। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्याे को समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाए।

सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं के अन्तर्गत लाभार्थियों को प्रमाण पत्र देकर किया गया सम्मानित

आज उ0प्र0 राज्य महिला आयोग की मा0 उपाध्यक्ष श्रीमती सुषमा सिंह द्वारा विकास भवन सभागार, जनपद बिजनौर में महिलाओं से सम्बन्धित कल्याणकारी योजनाएं ‘‘उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’’, जागरूकता शिविर व महिला जनसुनवाई की गयी। मा0 उपाध्यक्ष महोदया द्वारा विभिन्न विभागो के उपस्थित अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागो की कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गयी, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी, नोडल अधिकारी (अतिरिक्त मजिस्टेªट), क्षेत्राधिकारी बिजनौर, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी व जिला प्रोबेशन अधिकारी आदि उपस्थित रहे। सर्वप्रथम मा0 उपाध्यक्ष द्वारा कुमारी मेघना सिंह को एयर फाइट मंे चयन होने की बधाई व शुभकामना दी गयी। मा0 उपाध्यक्ष महोदया द्वारा विकास भवन में विभिन्न विभागो के स्टॉलो का निरीक्षण किया गया। उ0प्र0 सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं के अन्तर्गत मा0 उपाध्यक्ष द्वारा ‘‘उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’’ के 05, ‘‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’’ के 06, ‘‘राष्ट्रीय आजीविका मिशन की स्वंय सहायता समूह’’ के 10 व आयुष्मान भारत योजना के 03 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। जनसुुनवाई कार्यक्रम के अन्तर्गत कुल 25 प्रकरण प्रस्तुत हुए जिसमें से घरेलू हिंसा, छेडछाड, सामुदायिक शौचालय, पेंशन, दहेज उत्पीड़न आदि विषयो से सम्बन्धित समस्यायें महिला पीड़िताओं द्वारा मा0 उपाध्यक्ष के समक्ष प्रार्थना पत्र के माध्यम से प्रस्तुत किये गये। मा0 उपाध्यक्ष महोदया ने समस्त सम्बन्धित विभागो के अधिकारियों से प्रस्तुत प्रकरणों पर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए निस्तारण आख्या एक साप्ताह में जिला प्रोबेशन अधिकारी को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। जिला प्रोबेशन अधिकारी को प्रकरणो में हुई कार्यवाही से मा0 आयोग को अवगत कराने के भी निर्देश दिये। मा0 उपाध्यक्ष महोदया ने उपस्थित नोडल अधिकारी अतिरिक्त मजिस्ट्रेट व सी0ओ0 सिटी को भी प्रस्तुत प्रकरणों में कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये।

यूपी देश में दूसरे नम्बर की अर्थव्यवस्था

उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि मोदी-योगी सरकार ने आम जनमानस को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी जिन्दगी बदल दी है। निःशुल्क गैस, आवास, शौचालय आदि वह बुनियादी सुविधाएं हैं जिनके लिए जनता को 70 साल का लम्बा इंतजार करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में जब चाँद और मंगल पर जाने के कार्यक्रम चल रहे हैं ऐसे समय में हमारी माताएं व बहने धुएं के बीच में ही खाना पकाने को मजबूर थीं। यह धुआं उनके स्वास्थ्य को लगातार खराब कर रहा था। ऐसे समय में केन्द्र की मोदी और राज्य की योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद माताओं और बहनों को धुएं में खाना पकाने की मजबूरी से आजादी दिलाने का काम किया है। गरीबों को निःशुल्क गैस कनेक्शन देने की उज्ज्वला योजना आज उनके जीवन में सही मायने में आजादी लेकर आई है। उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने आज जनपद रायबरेली में कलेक्ट्रेट स्थित बचत भवन  सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश में उज्ज्वला योजना के दूसरे चरण में प्रदेश में 20 लाख महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन देकर उन्हें धुएं से होने वाली बीमारियों से सुरक्षित किया जाएगा। रायबरेली में इस योजना के दूसरे चरण में 40 हजार कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। उज्ज्वला 2.0 योजना में उन प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष प्राविधान किया गया है जो पहले पते के प्रमाण के अभाव में इसका लाभ लेने से वंचित रह गए थे। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि उज्ज्वला योजना 1.0 के अंतर्गत प्रदेश में 1 करोड़ 47 लाख एलपीजी कनेक्शन दिए गए थे। इस योजना के प्रथम चरण में उत्तर प्रदेश  सम्पूर्ण देश में सर्वाधिक मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देने वाला राज्य रहा था। उज्ज्वला योजना के पहले चरण में रायबरेली में 219416 कनेक्शन दिए गए थे। घर-घर शौचालय बनवाकर सरकार ने जहां महिलाओं की गरिमा की रक्षा की वहीं उज्ज्वला योजना से उन्हें स्वस्थ व सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार दिया है। यह  योजना समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिलाओं के जीवन में व्यापक परिवर्तन लेकर आई है। सरकार इसे महाअभियान के रूप में चलाएगी जिससे जल्दी से जल्दी ही सभी पात्र महिलाओं को इसका लाभ मिल सके। इस योजना से धुआं रहित ग्रामीण भारत की परिकल्पना साकार होने के साथ ही वायु प्रदूषण व वनों की कटाई को कम करने में भी मदद मिलेगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि थ्री टी का मंत्र प्रदेश की जनता को कोविड से सुरक्षित करने में राम बाण साबित हुआ है। आज भी प्रदेश में कोविड के डेढ लाख से अधिक टेस्ट प्रतिदिन किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश देश में 07 करोड़ से अधिक टेस्ट करने वाला इकलौता राज्य है। सरकार कोविड को लेकर पूरी तरह से सजग है। कोरोना नियंत्रण में हैं पर समाप्त नहीं हुआ है इसलिए पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रदेश के अलीगढ,  औरैया,  बदायूं,  देवरिया,  फर्रूखाबाद, फतेहपुर, गोंडा हमीरपुर, हरदोई, कानपुर देहात, महोबा, मिर्जापुर संतकबीरनगर और उन्नाव में कोविड का एक भी एक्टिव मरीज नहीं है। यह जनपद आज कोविड संक्रमण से मुक्त हैं। प्रदेश में कोविड टीकाकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। अब तक कुल 6,42,27,955 डोज लगायी गयी हैं। कोविड की तीसरी लहर की आशंका देखते हुए सभी जरूरी तैयारी की जा रही हैं। मेडिकल कॉलेजों में पीडियाट्रिक आईसीयू व आइसोलेशन बेड की संख्या 6600 से अधिक हो गई है। इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में 5,850 बेड तैयार कर लिए गए हैं। वर्तमान में 56,000 आइसोलेशन बेड और 18000 आईसीयू बेड कोविड की जरूरतों के अनुरूप उपलब्ध हैं। अब तक प्रस्तावित 552 ऑक्सीजन प्लांट में से 336 क्रियाशील हो चुके हैं।

 डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि युवाओं को रोजगार सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोडक़र प्रदेश को उन्नति प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने सवा चार वर्षों के दौरान निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। प्रदेश में चयन की प्रक्रिया पर कोई उंगली नहीं उठा सकता है। विगत सवा चार वर्षों के दौरान साढ़े चार लाख सरकारी नौकरियों में प्रदेश के युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। कोविड से उत्पन्न परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमन्दों को राहत पहुँचाने के लिए सरकार द्वारा अन्त्योदय गेहूँ एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को प्रति यूनिट 03 किलो गेहूं तथा 02 किलो चावल निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि  शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रान्तिकारी बदलाव आए है। नकल विहीन परीक्षा और पाठयक्रम में बदलाव ने शिक्षा को नई दिशा दी है। डिजिटल लाइब्रेरी ने ज्ञान का नया सागर दे दिया है। प्रदेश में शोध को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में शासन की योजनाएं माडल बन रही हैं। डॉ0 शर्मा ने कहा कि बुनियादी सुविधाओं के विकास से सूबे के विकास को नई रफ्तार मिली है। आज यूपी निवेश के मामले में निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है। कोरोना काल में जब दुनिया के बडे देशों से निवेश वापस जा रहा था उस समय में भी यूपी में जिस प्रकार से निवेश आया है वह इस बात की पुष्टि करता है। कोरोना जैसे समय में भी प्रदेश में 56 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सरकार के प्रयासों से आज यूपी देश में चल रही 44 योजनाओं में पहले स्थान पर है। उत्तर प्रदेश ने प्रत्येक क्षेत्र में विकास किया है। चाहे औद्योगिक निवेश हो या योजनाओं का सफल क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण हो या गरीब किसान की ऋण माफी, हर घर में शौचालय बनाना तथा घर विहीन को घर देने का कार्य उत्तर प्रदेश में किया गया है। माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में बेहतरीन कार्य हो रहे हैं। जिसका परिणाम है कि 04 वर्ष में ही 11 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था 22 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बन गयी है, जो देश में दूसरे नम्बर की अर्थव्यवस्था है। डॉ. शर्मा ने कहा कि आज का यूपी हर क्षेत्र में विशिष्ट स्थान बना रहा है। सूबे में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी हो गई है। उपमुख्यमंत्री ने जनपद भ्रमण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष, जनप्रतिनिधियों व पदाधिकारियों  के साथ भी बैठक की ।

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सहकारिता मंत्री जी द्वारा गोदामों का लोकापर्ण 26 अगस्त को किया जायेगा

उत्तर प्रदेश सहकारिता मंत्री श्री मुकुट बिहारी वर्मा जी द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत प्रदेश की साघन सहकारी समितियों में उ0प्र0 राज्य निर्माण सहकारी संघ लि0 एवं उ0प्र0 राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लि0 द्वारा निर्मित 100-100 मीट्रिक टन के गोदामों के लोकार्पण दिनांक 26 अगस्त, 2021 को पूर्वान्ह 11ः00 बजे उ0प्र0 राज्य निर्माण सहकारी संघ लि0 जी-4/5बी, सेक्टर-4 गोमतीनगर विस्तार लखनऊ में किया जायेगा। इस मौके पर आयुक्त एवं निबन्धक/प्रमुख सचिव सहकारिता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेगें। यह जानकारी प्रबन्ध निदेशक श्री धीरेन्द्र सिंह एवं राम प्रकाश ने एक पत्र के माध्यम से दी है।

उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त श्री रणवीर प्रसाद ने वर्षा की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि प्रदेश के वर्तमान में सभी तटबन्ध सुरक्षित हैं, कहीं भी किसी प्रकार की चिन्ताजनक परिस्थिति नहीं है। गत 24 घंटे में प्रदेश में 9.6 मि0मी0 औसत वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षा से 8.7 मि0मी0 के सापेक्ष 110 प्रतिशत है। इस प्रकार प्रदेश में 01 जून, 2021 से अब तक 551.9 मि0मी0 औसत वर्षा हुए, जो सामान्य वर्षा 579.1 मि0मी0 के सापेक्ष 95 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि गंगा नदी बदायूं, शारदा नदी पलियाकलाँ खीरी, घाघरा-बाराबंकी, अयोध्या, बलिया, राप्ती, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर बूढ़ी राप्ती सिद्धार्थनगर, तथा क्वानों चन्द्रीपघाट-गोंडा में खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है। प्रदेश के वर्षा से प्रभावित जनपदों मंे सर्च एवं रेस्क्यू हेतु एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 तथा पी0ए0सी0 की कुल 58 टीमें तैनाती की गयी है, 3839 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी है तथा 878 मेडिकल टीमें लगायी गयी है। एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 द्वारा 35185 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। प्रसाद ने बताया कि अब तक कुल 61408 ड्राई राशन किट वितरित किए गये हैं। अब तक कुल 336875 फूड पैकेट वितरित किए गए हैं। प्रदेश में 1089 बाढ़ शरणालय तथा 1293 बाढ़ चौकी स्थापित की गयी है। प्रदेश में अब तक कुल 878 पशु शिविर स्थापित किये गये हैं। विगत 24 घंटों में पशु टीकाकरण की संख्या 6475 तथा अब तक कुल पशु टीकाकरण की संख्या 560783 है।

गोशाला में उपलब्ध गोमय से विभिन्न प्रकार के गोमय उत्पाद बनाकर गोशाला को आत्मनिर्भर बनाया जाये

 उ0प्र0 गोसेवा आयोग द्वारा प्रदेशव्यापी निरीक्षण अभियान तीव्रगति से गतिमान है, जिसके तहत आज उ0प्र0 गोसेवा आयोग के अध्यक्ष, प्रो0 श्याम नन्दन सिंह द्वारा पंजीकृत गोशाला श्री गोरक्षिणी गोशाला, फर्रूखाबाद तथा अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल याकूत गंज जनपद फर्रूखाबाद का निरीक्षण किया गया। उ0प्र0 गोसवा आयोग लखनऊ द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार पंजीकृत गोशाला    श्री गोरक्षिणी गोशाला, फर्रूखाबाद के प्रबंधक ने बताया कि उनकी गोशाला की स्थापना वर्ष 1921 में की गयी थी। निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष, प्रो0 श्याम नन्दन सिंह  ने गोशाला में गोवंश के रख-रखाव एवं संरक्षण-संवर्धन, व्यवस्था की प्रशंसा की गई। अध्यक्ष, उ0प्र0 गोसेवा आयोग द्वारा गोशाला को आत्मनिर्भर बनाने हेतु कहा गया कि गोशाला में उपलब्ध गोमय से विभिन्न प्रकार के गोमय उत्पाद जैसे गोबर के लट्ठे, गोनाइल, गोमूत्र अर्क, दीपक, मूर्तियां आदि बनाये जा सकते हैं, जि34ससे गोशाला की आय में वृद्धि होगी। गोशाला के परिसर में अध्यक्ष प्रो0 श्याम नन्दन सिंह जी द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया। निरीक्षण के पश्चात् गो संरक्षण समिति की बैठक में अध्यक्ष द्वारा निर्देशित किया गया कि व्यापक अभियान चलाकर अन्ना गोवंशों को आश्रय स्थलों में संरक्षित किया जाये तथा सड़कों पर विचरण करने वाले घायल गोवंशों को पशुचिकित्सा अधिकारी के माध्यम से पर्याप्त इलाज की व्यवस्था की जाये। गोशालाओं को स्वावलम्बी/आत्मनिर्भर बनाने हेतु गोशालाओं के प्रबंधकों/सचिवों को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था की जाये।

गत सप्तााह में आबकारी विभाग द्वारा पकड़े गये 1329 अभियोग व 32,215 ली- अवैध शराब बरामद

 संजय आर. भूसरेड्डी, अपर मुख्य सचिव आबकारी विभाग द्वारा अवगत कराया गया है कि विभाग द्वारा प्रदेश में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी की रोकथाम हेतु लगातार दबिश एवं चेकिंग की कार्यवाही की जा रही है। आबकारी विभाग द्वारा माह अगस्त के विगत सप्तााह में प्रदेश में 1329 मुकदमे पकड़े़ गये, जिसमें 32,215 ली. अवैध शराब की बरामदगी की गयी तथा शराब बनाने हेतु तैयार किये गये 1,31,440 कि.ग्रा. लहन को मौके पर नष्ट किया गया। अवैध मदिरा के कार्य में संलिप्त 443 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया तथा 08 वाहनों को जब्त किया गया।

    अपर मुख्य सचिव द्वारा बताया गया कि अगस्त माह के गत सप्ताह में जनपद देवरिया के डुबयी मठिया में, हापुड़ में काकठेर, गौतमबुद्धनगर में डासना, कासगंज में मगथरा, बस्तीग में सन्देलपुर, कुशीनगर में सोहरौना, भरूही, पछार, पासीटोला, मऊ में पकड़ी मगदूमपुर, बलिया में हथोजगांव, अमेठी में करथुनी, बोलैया, प्रतापगढ़ में गोखरीपुरवा, अझारा, गाजीपुर में चटाईपारा, नोरहरा, वाराणसी में चौबेपुर में अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री के विरूद्ध छापेमारी की कार्यवाही की गयी, जिसमें अवैध कच्ची शराब की बरामदगी करते हुए भारी मात्रा में महुआ लहन मौके पर नष्ट किया गया तथा अवैध शराब करोबारियों के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत किये गये। इसी क्रम में शाहजहॉंपुर के खुटार में छापेमारी की गयी जिसमें 50 ली0 तथा 90 बोतल अपमिश्रित शराब की बरामदगी की गयी। जनपद बहराइच में तपसीहा कंचनपुर, नारायणपुरा में दबिश देकर कुल 115 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद करते हुए एक वाहन जब्त किया गया तथा दो अभियुक्तों  के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया। जनपद शामली में आलकला कैराना में 60 बोतल रसीली संतरा ब्राण्ड की शराब बरामद की गयी तथा एक व्याक्ति के विरूद्ध आबकारी अधिनियम एवं आईपीसी की सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराते हुए कार्यवाही कराई गई। जनपद शाहजहॉपुर में ही वीरसिंहपुर देशी शराब दुकान के निरीक्षण में अवैध शराब की बरामदगी पर अनुज्ञापी तथा विक्रेता के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया तथा दुकान के लाइसेंस के निरस्तीरकरण की कार्यवाही की जा रही है। इसी प्रकार जनपद संतकबीरनगर में कांटे बाजार विदेशी मदिरा की दुकान में चेकिंग के दौरान इम्पीनरियल ब्लू , रायल स्टेाग, मैकडावल, 8पीएम के नकली अद्धे, पौवे के साथ नकली क्यूी0आर0कोड की बरामदगी की गयी। दुकान के विक्रेता एवं अनुज्ञापी के विरूद्ध आबकारी अधिनियम के साथ-साथ आईपीसी की सुसंगत धाराओं में कार्यवाही कराई गई। दुकान का अनुज्ञापन निरस्त  करने की कार्यवाही की जा रही है।

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अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी की रोकथाम के लिये अभियान चलाते हुए जनपद महराजगंज, श्रावस्ती व सिद्धार्थनगर में नेपाली शराब तस्कारी रोके जाने हेतु सीमा क्षेत्र में तस्क री के सम्भावित मार्गों पर निरन्तसर चेकिंग की जा रही है। अवैध शराब के विरूद्ध सघन अभियान चलाते हुए लाइसेंसी दुकानों की गहन चेकिंग कराई जा रही है। मदिरा के परिवहन करने वाले टैंकरों एवं ढाबों पर भी सतर्क दृष्टि रखी जा रही है।

श्री सेंथिल पाण्डियन सी., आबकारी आयुक्ति, उत्तर प्रदेश द्वारा यह बताया गया कि अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी के विरूद्ध प्रवर्तन कार्यवाही के साथ-साथ आबकारी दुकानों के निरीक्षण की कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। अवैध शराब के कारोबार में संलिप्तो व्यक्तियों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जायेगा उनके विरूद्ध आबकारी अधिनियम एवं आईपीसी की सुसंगत धाराओं में कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

उत्तर प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि स्वरोजगारपरक योजनाओं को धरातल पर उतारते हुए 100 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित की जाय। इसके लिए विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही निर्धारित की जायेगी। राज्य सरकार फील्ड में कार्य करने वाले कार्मिकांे को सभी प्रकार की सुविधाएं देगी। परिणाम न मिलने पर सख्त कार्रवाई भी होगी। उन्होंने कहा कि बैंको में भेजे गये ऋण आवेदनों को अस्वीकृत करने की दर अधिक है, इसको कम करते हुए अधिक से अधिक लोगों को ऋण उपलब्ध कराया जाय। साथ ही जिन आवेदनों को निरस्त किया जाय, उसके कारण का भी स्पष्ट उल्लेख किया जाय।

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श्री सिंह आज खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड कार्यालय में विभाग के समीक्षा कर रहे थे। इस मौके राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना तथा पंडित दीन दयाल योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इन योजना के तहत अभियान चलाकर अधिक से अधिक ऋण आवेदन बैंको को भेजे जायं। हर महीने का लक्ष्य निर्धारित किया जाय और प्रत्येक सप्ताह की इसकी समीक्षा भी जाय। उन्होंने कहा कि लोन की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए माटीकला योजना को मुद्रा योजना से जोड़ा जायेगा। अपर मुख्य सचिव, खादी एवं ग्रामोद्योग डा0 नवनीत सहगल ने कहा कि आगामी 02 अक्टूबर को प्रदेश के प्रत्येक मण्डल में मेगा क्रेडिट कैम्प लगेगा। इस अवसर पर समुचित मात्रा में ऋण का वितरण सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोरोना महामारी नियंत्रण में है। यही मौका है कि योजनाओं को जमीन पर उतारने की। इसलिए बिना समय गवाये येाजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुंचाया जाय। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष पीएमईजीपी के तहत ऋण वितरण में उत्तर प्रदेश देश में नम्बर वन रहा है। इस वर्ष भी पहले स्थान पर रहना चाहिए। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सीबीसी योजना के तहत लोन जमा करने हेतु ओटीएस स्कीम चल रही है। एक मुश्त लोन अदायगी पर ब्याज में छूट देने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि ओटीएस स्कीम आगामी 15 अक्टूबर तक लागू रहेगी। इस अवधि के अंदर ऋण राशि जमा न करने पर आर0सी0 जारी की जायेगी। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी दीपवली के अवसर पर लखनऊ में पूर्व की भांति भव्य माटीकला का आयोजन किया जायेगा। इसमें 250 स्टाल लगाये जायेंगे। कारीगरों को मूर्ति बनाने के लिए सांचे और दीये बनाने की मशीन निःशुल्क उपलब्ध कराई जायेगी।

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