उत्तर प्रदेश: हत्या के छह साल पुराने मामले में पांच दोषियों को आजीवन कारावास

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अभियोजन पक्ष के अनुसार, अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पाल राणा की अदालत ने शनिवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद लोहा राम, देवेंद्र राम, जितेंद्र राम, शिवकुमारी देवी और गीता को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

उत्तर प्रदेश की बलिया जिले की एक अदालत ने एक व्यक्ति की हत्या के छह साल पुराने मामले में पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष ने रविवार को यह जानकारी दी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पाल राणा की अदालत ने शनिवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद लोहा राम, देवेंद्र राम, जितेंद्र राम, शिवकुमारी देवी और गीता को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। एक अन्य आरोपी बीरबल की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।

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अभियोजन पक्ष ने बताया कि बलिया के नगरा थाना क्षेत्र के चचया गांव के मालीराम (55) की सात मार्च 2016 को हत्या कर दी गई थी। पुलिस में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के मुताबिक, मालीराम अपने खेत की तरफ गया था, तभी गांव के ही रहने वाले लोहा, देवेंद्र, जितेंद्र, बीरबल, शिवकुमारी और गीता ने लाठी व डंडों से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में मालीराम के पुत्र की तहरीर पर लोहा, देवेंद्र, जितेंद्र, बीरबल, शिवकुमारी और गीता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

पुलिस ने विवेचना के बाद सभी छह आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पाल राणा की अदालत ने शनिवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला दिया।

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