मध्य प्रदेश में 1 मई से प्रारंभ नहीं हो सकेगा वैक्सीनेशन, 18 से 45 वर्ष वालों को भी लगेगा मुफ्त टीका

मध्य प्रदेश में 1 मई से प्रारंभ नहीं हो सकेगा वैक्सीनेशन, 18 से 45 वर्ष वालों को भी लगेगा मुफ्त टीका

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कोरोना का टीका 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों को भी नि:शुल्क लगाया जाएगा। जैसे-जैसे निर्माता कंपनियों से वैक्सीन के डोज़ प्राप्त होंगे, वैसे-वैसे टीकाकरण किया जाएगा।

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में 1 मई से 18 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों का कोरोना वैक्सीनेशन अभियान प्रारंभ किया जाना था, परंतु वैक्सीन निर्माता कंपनियों से वैक्सीन प्राप्त नहीं होने के कारण यह अभियान 1 मई से प्रारंभ नहीं किया जा सकेगा। प्रदेश में 3 मई को वैक्सीन के डोसेज मिलने की संभावना है, तदनुसार वैक्सीनेशन कार्य किया जाएगा।

 

इसे भी पढ़ें: देर से ऑक्सीजन मिलने से तीन मरीजों की मौत, मानव अधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों के वैक्सीनेशन का कार्य निरंतर जारी रहेगा। मुख्यमंत्री चौहान निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना टीकाकरण कार्य की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कोरोना का टीका 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों को भी नि:शुल्क लगाया जाएगा। जैसे-जैसे निर्माता कंपनियों से वैक्सीन के डोज़ प्राप्त होंगे, वैसे-वैसे टीकाकरण किया जाएगा।

 

इसे भी पढ़ें: अंतर्राज्यीय सीमाएँ सील करने पर किया जा रहा है विचार - डॉ. नरोत्तम मिश्रा

मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर वैक्सीनेशन के लिए नए केंद्र स्थापित किए जायें, अस्पतालों में वैक्सीनेशन कार्य नहीं किया जाए। देश में कोरोना वैक्सीन के 28 अप्रैल तक 80 लाख 66 हजार 980 डोज़ लगाए गये हैं, जिनमें से 70 लाख 19 हज़ार 763 फर्स्ट तथा 10 लाख 47 हज़ार 217 सेकंड डोज़ लगाए गए हैं। वैक्सीनेशन कार्य में 7 लाख 53 हजार 333 स्वास्थ्य कर्मियों को, 6 लाख 54 हजार 268 फ्रंट लाइन वर्कर्स को, 45 से 59 वर्ष के बीच के 33 लाख 26 हजार 172 व्यक्तियों को तथा 60 वर्ष से अधिक उम्र के 33 लाख 33 हजार 207 व्यक्तियों को वैक्सीन डोज लगाए गए हैं।






नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।