लखीमपुर खीरी की घटना को 'हिन्दू बनाम सिख' की लड़ाई बनाने की हो रही कोशिश: वरूण गांधी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अक्टूबर 10, 2021   14:52
लखीमपुर खीरी की घटना को 'हिन्दू बनाम सिख' की लड़ाई बनाने की हो रही कोशिश: वरूण गांधी

भाजपा सांसद वरूण गांधी ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना को हिन्दू बनाम सिख की लड़ाई बनाने की एक कोशिश हो रही है। यह ना सिर्फ अनैतिक व गलत विमर्श पैदा करने वाली है बल्कि ऐसी कोई रेखा खींचना और उनके घावों को हरा करने का प्रयास, जिसे भरने में पीढ़ियां खप गईं, खतरनाक है।

नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद वरूण गांधी ने रविवार को आरोप लगाया कि लखीमपुर खीरी में पिछले दिनों हुई हिंसा की घटना को हिन्दू बनाम सिख बनाए जाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह कोशिश ना सिर्फ ‘‘अनैतिक व गलत धारणा’’ पैदा करने वाली है बल्कि ‘‘खतरनाक’’ भी है। वरूण गांधी किसानों के मुद्दे पर लगातार अपनी राय रख रहे हैं। लखीमपुर खीरी में पिछले दिनों हुई हिंसा को लेकर भी उन्होंने वीडियो साझा किए थे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद भाजपा की नवगठित राष्ट्रीय कार्यसमिति से वरूण को बाहर कर दिया गया था। 

इसे भी पढ़ें: लखीमपुर खीरी प्रकरण बड़ी साजिश है, जाँच में कई चौंकाने वाली बात सामने आ सकती हैं 

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘‘लखीमपुर खीरी की घटना को हिन्दू बनाम सिख की लड़ाई बनाने की एक कोशिश हो रही है। यह ना सिर्फ अनैतिक व गलत विमर्श पैदा करने वाली है बल्कि ऐसी कोई रेखा खींचना और उनके घावों को हरा करने का प्रयास, जिसे भरने में पीढ़ियां खप गईं, खतरनाक है। हमें राजनीतिक फायदे के लिए राष्ट्रीय एकता को ताक पर नहीं रखना चाहिए।’’ गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया क्षेत्र में गत रविवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे का विरोध करने के दौरान हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 

इसे भी पढ़ें: जब आंदोलनकारियों का मकसद ही अराजकता फैलाने का हो तो लखीमपुर खीरी जैसी घटना होनी ही थी 

उत्तर प्रदेश पुलिस के एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने हिंसा के सिलसिले में आशीष मिश्रा को शनिवार को करीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। वरूध गांधी ने कहा कि लखीमपुर खीरी में न्याय के लिए संघर्ष गरीब किसानों की निर्दयी हत्या को लेकर है और इसका किसी धर्म विशेष से कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों को खालिस्तानी बताया जाना ना सिर्फ हमारी सीमाओं की सुरक्षा के लिए लड़ने और खून बहाने वालों देश के महान सपूतों का अपमान है बल्कि राष्ट्रीय एकता के लिए खतरनाक भी है, यदि इससे गलत प्रकार की प्रतिक्रया हो जाए तो।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।