देहरादून में जहरीली शराब का तांडव, गांव के तमाम घरों के चिराग बुझे

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 21, 2019   16:10
देहरादून में जहरीली शराब का तांडव, गांव के तमाम घरों के चिराग बुझे

बस्ती में जगह-जगह झुंड बनाकर खडे लोग अवैध शराब बेचने वालों को कोसते दिखे। बस्ती के अधिकांश परिवार छोटा मोटा काम करके ही परिवार का गुजारा करते हैं।

देहरादून। देहरादून शहर के बीचोंबीच नैशविले रोड के पास बसी पथरिया पीर बस्ती में जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत के बाद मातम पसरा हुआ है। बस्ती के लोग एक दूसरे के घर सांत्वना देने के लिये जा रहे हैं और पिछले दो दिनों से अधिकांश परिवारों के चूल्हा नहीं जला। बस्ती वालों के मुताबिक, तीन मौतें गुरुवार को ही हो गयी थीं जबकि तीन अन्य ने कल दम तोड़ा। जहरीली शराब पीने से जान गंवाने वालों में से अधिकतर घर के अकेले कमाऊ सदस्य थे। मरने वालों में राजेंद्र कुमार (45) भी शामिल हैं जिनकी पुत्री रिया का घटना के बाद से रो-रोकर बुरा हाल है और पिछले दो दिन से उसके मुंह में अन्न का एक दाना भी नहीं गया है। रोती-बिलखती रिया ने कहा,  मुझे इंसाफ चाहिए। मेरे पिता के हत्यारों को कड़ा दंड मिलना चाहिए।’’

इसे भी पढ़ें: मूकबधिर युवती को अकेला पाकर 16 वर्षीय लड़के ने किया बलात्कार

बस्ती में जगह-जगह झुंड बनाकर खडे लोग अवैध शराब बेचने वालों को कोसते दिखे। बस्ती के अधिकांश परिवार छोटा मोटा काम करके ही परिवार का गुजारा करते हैं। इस घटना के बाद मरने वालों के परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है। इस घटना में मारा गया इंदर एक होटल में बरतन साफ कर अपने परिवार का पोषण कर रहा था जबकि सुरेंद्र दिहाड़ी मजदूरी करता था। एक अन्य आकाश लोडर गाड़ी चलाकर परिवार का पेट पाल रहा था। बस्ती के कई लोगों ने अपना नाम न बताने की शर्त पर बताया कि पुलिस वाले अवैध शराब बेचने वालों से पैसा वसूली करते थे और इसी वजह से शहर के बीचोंबीच अवैध शराब का धंधा फल फूल रहा था।

इसे भी पढ़ें: सरकार चाहती है तो मैं मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद को आग लगा लूंगी: पीड़िता

बस्ती से कुछ दूरी पर ही रहने वाले मसूरी क्षेत्र से भाजपा विधायक गणेश जोशी ने बताया कि संबंधित पुलिस थाना और चौकी मामले पर पर्दा डालती दिखायी दी और पूर्व में कई बार क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री के बारे में की गयी शिकायतों पर भी उसने कोई कार्रवाई नहीं की। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सूर्यकांत धस्माना ने भी आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के चलते राजधानी देहरादून के बीचोंबीच इतना बड़ा कांड़ हो गया। उन्होंने आबकारी विभाग का जिम्मा भी संभाल रहे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से इस्तीफा देने की मांग की और कहा कि इस घटना से साफ है कि वह प्रदेश को संभाल पाने में सक्षम नहीं है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।