जब चौधरी देवीलाल ने 1977 और 1989 में विपक्षी दलों को एक मंच पर किया था खड़ा, क्या पिता की तरह सभी को एकजुट कर पाएंगे चौटाला?

Chaudhary Devi Lal
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अभिनय आकाश । Sep 25, 2022 12:33PM
आज के सम्मान दिवस में जहां विपक्षी नेता जुटेंगे वहीं रैली में भीड़ जुटाने के लिए हरियाणा से भी लाखों समर्थकों का इंतजाम हुआ है। विपक्षी एकता के जरिये आईएनएलडी हरियाणा में अपने खोए जनादार को फिर से जुटाने की कोशिश में लगी है।

पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की आज 109वीं जयंती है और इस मौके पर हरियाणा के फतेहाबाद में विपक्षी नेताओं का बड़ा जमावड़ा लगने जा रहा है। सम्मान दिवस रैली का आयोजन आईएनएलडी ने किया है। पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला विपक्ष के बड़े नेताओं को मंच पर लाकर तीसरे मोर्चे के गठन की कवायद को रफ्तार देने की कोशिश कर रहे हैं। आईएनएलडी का दावा है कि आज फतेहाबाद के मंच पर कम से कम 11 राज्यों से विपक्षी नेता या फिर उनके प्रतिनिधि आएंगे और मंच साझा करेंगे। 

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चौधरी देवीलाल ने 1977 में लगाया था विपक्षी नेताओं का जमावड़ा

 आज के सम्मान दिवस में जहां विपक्षी नेता जुटेंगे वहीं रैली में भीड़ जुटाने के लिए हरियाणा से भी लाखों समर्थकों का इंतजाम हुआ है। विपक्षी एकता के जरिये आईएनएलडी हरियाणा में अपने खोए जनादार को फिर से जुटाने की कोशिश में लगी है। जब से चौटाला परिवार में बिखराव हुआ है, तब से पार्टी का जनाधार लगातार कमजोर हुआ है। अगर ऐसा होता है तो हरियाणा में इतिहास ही दोहराया जाएगा जब चौधरी देवीलाल ने 1977 और 1989 में विपक्षी दलों को एक मंच पर खड़ा किया था।   

विपक्ष के किन-किन नेताओं को निमंत्रण

एनसीपी चीफ शरद पवार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, शिवसेना के चीफ उद्धव ठाकरे भी हरियाणा की इस रैली में दिख सकते हैं। इनके अलावा नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुखिया फारूक अब्दुल्ला और माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी भी होंगे। साथ ही बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को भी निमंत्रण है। डीएमके नेता कनिमोझी को आज की इस रैली के लिए खासतौर पर बुलाया गया है। ओपी चौटाला की रैली में मेहमानों की सूची काफी लंबी है और जो एक नाम सामने आया है वो बेहद चौंकाने वाला है। वो नाम है बीजेपी नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह का, जिनको लेकर कहा जा रहा है कि पार्टी से नाराज चल रहे हैं। वैसे तो विपक्ष के कई और नेताओं को भी बुलाया गया है लेकिन उनके रैली में सामने होने को लेकर अभी सस्पेंस बरकरार है। सपा मुखिया अखिलेश और बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के बारे में अभी स्थिति साफ नहीं है। 

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