संसद में कब बोलेंगे गृह मंत्री अमित शाह? विपक्ष के सवालों के बीच आ गई बड़ी खबर

गृह मंत्री अमित शाह 'विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान संसद को संबोधित करने के लिए तैयार हैं, यह कदम विपक्ष द्वारा सदन में उनकी अनुपस्थिति पर हो रही लगातार आलोचना के बीच आया है। मॉनसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा चोरी और NEET प्रश्नपत्र लीक जैसे मुद्दों पर गतिरोध के कारण अब तक प्रश्नकाल नहीं हो सका है और कई विधेयक बिना बहस के पारित हुए हैं। संसदीय कार्य मंत्री ने सदन के सुचारू संचालन के लिए विपक्ष से सहयोग माँगा है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह के संसद में बोलने की उम्मीद है, जब 'विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा और उसे पारित करने की प्रक्रिया होगी। यह तब हो रहा है जब विपक्ष सदन में उनकी गैर-मौजूदगी को लेकर आलोचना कर रहा है। संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने की कोशिश में, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की और मॉनसून सत्र के बाकी समय में सदन के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस का सहयोग मांगा।
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कुछ राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि स्वतंत्रता दिवस के बाद, संसद का एक विशेष सत्र बुलाकर पिछले सत्र में पारित नहीं हो सके परिसीमन विधेयक और नारी शक्ति वंदन (संशोधन) विधेयक को दोबारा पेश किया जा सकता है। हालांकि, सरकार के सूत्रों ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई कदम उठाने की योजना नहीं है। सूत्रों ने बताया कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि 13 अगस्त को मानसून सत्र संपन्न होने से पहले इसी सत्र में परिसीमन विधेयक लाया जाएगा या नहीं।
हालांकि, विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए पेश किये जाने के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के संसद में बोलने की संभावना है। विपक्ष सदन की कार्यवाही के दौरान शाह की अनुपस्थिति को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि संसद भवन परिसर में दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात के दौरान संसद की कार्यवाही में बने गतिरोध को समाप्त करने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
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यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब संसद के मानसून सत्र में अयोध्या स्थित राम मंदिर से कथित चढ़ावा चोरी और छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दों को लेकर लगातार गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। मानसून सत्र शुरू होने के बाद से लोकसभा में अब तक एक भी दिन प्रश्नकाल नहीं हो सका है। हंगामे के बीच पांच विधेयक बिना चर्चा के पारित किए जा चुके हैं। विपक्षी दलों ने शुरुआत में नीट प्रश्नपत्र लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।
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