Chai Par Sameeksha: PM ने गाली देने वालों को किया माफ, क्या Gen Z भी अब मोदी मोदी के नारे लगाएंगे?

प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे ने साफ तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आजकल आधी रात को इंस्टाग्राम पर वीडियो डाल रहे हैं। नीरज दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री को पता है कि जो जेन जी हैं, वह किस समय सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव होते है। इसलिए वह रात को 11:00 बजे अपना वीडियो डालते हैं।
प्रभासाक्षी की साप्ताहिक कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में हमने इस सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माफी वाले वीडियो और संसद में जारी हंगामे पर चर्चा की। हमेशा की तरह इस कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे। नीरज कुमार दुबे से हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा जिन लोगों ने उन्हें गाली दिया था उनको माफ किए जाने पर सवाल पूछा। नीरज दुबे ने साफ तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री ने बड़ा दिल दिखाते हुए इन बच्चों को माफ किया। बच्चे इस देश के भविष्य हैं। लेकिन बच्चों को भी अपने संस्कार खुद के भीतर रखना चाहिए।
नीरज दुबे ने साफ तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आजकल आधी रात को इंस्टाग्राम पर वीडियो डाल रहे हैं। नीरज दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री को पता है कि जो जेन जी हैं, वह किस समय सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव होते है। इसलिए वह रात को 11:00 बजे अपना वीडियो डालते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरीके से इस प्रदर्शन के बाद जो विशाल हृदय दिखाया है, वह अपने आप में काबिले तारीफ है। प्रधानमंत्री ने सभी को माफ कर दिया। हालांकि उनके मां तक को गाली दिया गया था।
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नीरज दुबे ने साफ तौर पर कहा कि जिस तरीके से छात्रों पर जो लाठी चार्ज हुआ या फिर जो पैलेट गन चला, उसको लेकर जो हंगामा हो रहा है इस पर भी सोचने की जरूरत है। नीरज दुबे ने साफ तौर पर कहा कि जिस तरीके से छात्र संसद तक पहुंच गए थे, अगर यह प्रवेश कर जाते तो पूरे विश्व में किस तरीके का भारत की तस्वीर जाती। यह अपने आप में शर्मनाक रहता। उन्होंने कहा कि जो लोग आज लाठी चार्ज या फिर पैलेट गन को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं, वह उस दिन साफ तौर पर कहते कि इस देश का सुरक्षा व्यवस्था खत्म हो गया है तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। लेकिन कहीं ना कहीं इसको लेकर सियासत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी मौके पर मौजूद होता है, वही पैलेट गन या फिर किसी तरीके के कार्यवाही का आदेश देता है। उससे गृह मंत्री या प्रधानमंत्री का कोई लेना देना नहीं होता है।
हमने संसद में जारी हंगामे को लेकर भी नीरज दुबे से सवाल पूछा। नीरज दुबे ने कहा कि देखिए ऐसा है कि हम बार-बार कहते रहे हैं कि संसद सत्र में विपक्ष लगातार मोदी सरकार को घेरने की कोशिश करता है और उसमें उसे कामयाबी भी मिलती है। फिलहाल जो छात्र आंदोलन हुआ, उसमें विपक्ष को बहुत ज्यादा फायदा नहीं मिलता दिख रहा है। इसलिए वह संसद को बार-बार डिस्टर्ब करने की कोशिश कर रहे हैं। संसद को डिस्टर्ब करने का एक बड़ा मकसद डीलिमिटेशन बिल आना है।
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