कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस से बाहर हो जाएंगे गहलोत? CWC सदस्यों ने सोनिया से किया आग्रह- उन पर विश्वास करना ठीक नहीं

Congress
ANI
अभिनय आकाश । Sep 26, 2022 2:03PM
राजस्थान के पॉलिटिकल क्राइस और तेजी से बदलते सियासी घटनाक्रम के बीच गहलोत खेमे के विधायकों के आचरण से नाराज सीडब्ल्यूसी सदस्यों ने पार्टी प्रमुख के पास उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और कहा है, उन पर विश्वास करना अच्छा नहीं होगा।

अशोक गहलोत के उत्तराधिकारी की नियुक्ति को लेकर राजस्थान में गहराते राजनीतिक संकट के बीच कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्यों ने सोनिया गांधी से राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पार्टी प्रमुख की दौड़ से बाहर करने और शीर्ष पद के लिए किसी अन्य उम्मीदवार का चयन करने की मांग की है। राजस्थान के पॉलिटिकल क्राइस और तेजी से बदलते सियासी घटनाक्रम के बीच  गहलोत खेमे के विधायकों के आचरण से नाराज सीडब्ल्यूसी सदस्यों ने पार्टी प्रमुख के पास उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और कहा है, उन पर विश्वास करना अच्छा नहीं होगा। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को उनकी उम्मीदवारी पर पुनर्विचार करना चाहिए।"

इसे भी पढ़ें: कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 30 को नामांकन दाखिल कर सकते हैं शशि थरूर, कहा- उन्हें गांधी-नेहरू परिवार का समर्थन

सदस्यों ने सोनिया गांधी से एक और ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बनाने का आग्रह किया है जो वरिष्ठ नेता हो और गांधी परिवार के प्रति भी वफादार हो। अशोक गहलोत के कहने पर पार्टी नेतृत्व द्वारा दो पर्यवेक्षकों- मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन जयपुर भेजे गए। लेकिन विधायकों के पर्यवेक्षकों से नहीं मिलने का संज्ञान लिया गया है। गौरतलब है कि गहलोत खेमे के विधायक कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। परिस्थितियों को देखते हुए, दिग्विजय सिंह और मुकुल वासनिक जैसे पार्टी के अन्य नेता संभावित उम्मीदवारों की सूची में कुछ नाम हैं। पार्टी के शीर्ष पद की दौड़ में शामिल शशि थरूर 30 सितंबर को नामांकन दाखिल करेंगे।

इसे भी पढ़ें: 'सत्यमेव जयते, नए युग की तैयारी', सीएम गहलोत के गढ़ में लगे सचिन पायलट के पोस्टर

पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर रविवार शाम विधायक दल की बैठक होनी थी, जिसमें सचिन पायलट और उनके खेमे के विधायक शामिल हुए थे। हालांकि गहलोत के वफादारों ने कैबिनेट मंत्री शांति धारीवाल के साथ उनके आवास पर बैठक की,  जिसके बाद 90 से अधिक विधायकों ने स्पीकर सीपी जोशी को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। पायलट को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा था। 

अन्य न्यूज़