World Book Fair: युवा लेखकों को मिली खास सलाह, Social Media पर लिखने से पहले खूब करें अध्ययन

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में, अखिल भारतीय साहित्य परिषद ने युवा लेखकों को लेखन से पूर्व अध्ययन और चिंतन के महत्व पर जोर दिया, साथ ही उनके लेखन में राष्ट्रीय विमर्श को स्थान देने का आग्रह किया।
इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती एवं सुरुचि प्रकाशन के संयुक्त तत्त्वावधान में नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला में युवा लेखकों से संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के वक्ता अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री मनोज कुमार रहे और कार्यक्रम की अध्यक्षता इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती के प्रदेश अध्यक्ष विनोद बब्बर द्वारा किया गया। कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री मनोज कुमार ने कहा कि लेखन हेतु अध्ययन की व्यापक आवश्यकता होती है। अध्ययन और चिंतन के बिना लेखन संपूर्णता प्राप्त नहीं कर पाता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि खूब अध्ययन करें और इसके पश्चात लेखन करें। आप अपने लेखन को धार दें और लेखन में राष्ट्रीय चिंतन और विमर्श को जगह दें।
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उन्होंने यह भी कहा कि अखिल भारतीय साहित्य परिषद देश की सबसे बड़ी साहित्यिक संस्था है। परिषद की सक्रियता पूरे देश में है। हमारी संस्था युवा लेखन को न केवल प्रोत्साहित करती है बल्कि उनके लेखन कौशल को प्रकाशित करने का भी जिम्मा उठाएगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती के प्रदेश अध्यक्ष विनोद बब्बर ने कहा कि आज युवाओं की साहित्यिक प्रतिभा सोशल मीडिया पर बखूबी देखी जा सकती है। हमारे देश के युवा साहित्य के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे हैं और उनकी प्रतिभा का लोहा पूरी दुनिया मान रही है।
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कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा लेखकों ने संवाद के दौरान अपने सुझाव रखे और अपनी जिज्ञासाओं के समाधान हेतु अखिल भारतीय राष्ट्रीय संगठन मंत्री के समक्ष प्रश्न भी रखे। इस कार्यक्रम में युवा लेखक सहित साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री संजीव सिन्हा और धन्यवाद ज्ञापन इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती के प्रदेश मंत्री राकेश कुमार ने किया।
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