Yogi Adityanath ने लखनऊ में Tiranga Yatra निकाली, राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान पर चेताया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काकोरी ट्रेन कार्रवाई के 101 वर्ष पूरे होने पर रविवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास से विधान भवन तक विशाल पैदल मार्च का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में रहकर राष्ट्रीय प्रतीकों, महापुरुषों, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने युवाओं से 15 अगस्त पर 'हर घर तिरंगा' अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील भी की।
लखनऊ, नौ अगस्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि भारत में रह कर लोग देश के राष्ट्रीय प्रतीकों, महापुरुषों, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का अपमान करें। आदित्यनाथ ने काकोरी ट्रेन कार्रवाई के 101 वर्ष पूरे होने के मौके पर लखनऊ में तिरंगा यात्रा की शुरुआत की। उन्होंने इस मौके पर एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम सभी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान बढ़ाने के लिए कदम उठाए और इनके अपमान को संज्ञेय अपराध की श्रेणी में लाकर राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत की गरिमा बढ़ाई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब ऐसा नहीं चलेगा कि लोग भारत में रहें और देश के राष्ट्रीय प्रतीकों, महापुरुषों, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का अपमान करें।’’ योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में यह तिरंगा यात्रा पांच कालीदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास से विधान भवन तक निकाली गई जिसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और उप मुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य एवं बृजेश पाठक समेत हजारों लोग शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रध्वज भारत की सादगी, विकास, विरासत और इसकी आन, बान एवं शान का प्रतीक है। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और आजादी के बाद देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों को याद किया। उन्होंने कहा, ‘‘आज काकोरी ट्रेन कार्रवाई की 101वीं वर्षगांठ है।
इस अवसर पर भाजपा महान क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिए देशभर में तिरंगा यात्रा निकाल रही है।’’ आदित्यनाथ ने राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्लाह खान समेत स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने 1925 में काकोरी ट्रेन कार्रवाई के जरिए अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी। उन्होंने कहा, ‘‘यह तिरंगा यात्रा उन सभी शहीदों के प्रति कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘राष्ट्र प्रथम’ के मंत्र को आगे ले जाने का संकल्प है।’’ मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह वर्ष इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि देश राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे युवा प्रतिभाशाली और ऊर्जा से भरपूर हैं।
उनमें देश के सामने आने वाली हर चुनौती का सामना करने की क्षमता है। इस ऊर्जा को उचित मंच मिलना चाहिए, ताकि वे खुद को तैयार कर देश को आगे ले जा सकें।’’ आदित्यनाथ ने कहा कि करीब 25,000 से 30,000 युवाओं के तिरंगा यात्रा में हिस्सा लेने की संभावना है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे सुबह से ही इस संबंध में जानकारी मिल रही है।
मुझे इस बात की खुशी है कि सुबह साढ़े आठ बजे तक 25,000 से अधिक युवा यहां एकत्र हो चुके थे और अब उनकी संख्या 30,000 को पार कर रही है।’’ मुख्यमंत्री ने लोगों से 15 अगस्त पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया।
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