उत्तर प्रदेश की विशाल युवा आबादी राज्य की सबसे बड़ी ताकत है, कोई चुनौती नहीं: योगी आदित्यनाथ

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर युवाओं को उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति का आधार बताया। उन्होंने पिछली सरकारों पर रोजगार में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं को कौशल प्रदान कर समृद्ध बना रही है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदेश के युवाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की बड़ी युवा आबादी कोई चुनौती नहीं, बल्कि राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार अब युवाओं को कौशल प्रदान कर इस जनसंख्या को आर्थिक विकास की एक बड़ी शक्ति में बदल रही है।

यूनेस्को की इस वर्ष की थीम 'साझा भविष्य के लिए कौशल' का जिक्र करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि इसका अर्थ सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है। उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य होने के नाते उत्तर प्रदेश के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा कार्यशक्ति है। उन्होंने कहा कि हम युवाओं को कौशल से लैस कर इस जनसांख्यिकीय लाभ का उपयोग करेंगे और उन्हें समृद्धि के पथ पर आगे ले जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी (एसपी) पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले राज्य की शिक्षा व्यवस्था बदहाल थी और कौशल विकास का कोई प्रभावी तंत्र नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय असुरक्षा का माहौल था, जिसमें न महिलाएं सुरक्षित थीं और न ही व्यापारी। युवाओं के सामने पहचान का संकट था और उन्हें राज्य के बाहर भेदभाव का सामना करना पड़ता था क्योंकि उत्तर प्रदेश में रोजगार के अवसर नहीं थे।

भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और शिवपाल यादव का नाम लिए बिना कहा कि सरकारी नौकरियों पर एक ही परिवार का कब्जा था। उन्होंने 'चाचा-भतीजे' की जोड़ी पर तंज कसते हुए कहा कि भर्तियां निकलते ही वे पैसे वसूलने निकल पड़ते थे और बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होता था।

आदित्यनाथ ने इस बात पर दुख जताया कि उपजाऊ जमीन, प्रचुर जल संसाधन और समृद्ध धार्मिक विरासत के बावजूद उत्तर प्रदेश को लंबे समय तक 'बीमारू' राज्य कहा गया। उन्होंने गंगा, यमुना, सरयू जैसी नदियों और अयोध्या, काशी, मथुरा जैसे महान धार्मिक स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के बीमारू बने रहने का कारण यहां के लोग नहीं, बल्कि पिछली सरकारों की नकारात्मक सोच थी।

मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद अपनी सरकार की उपलब्धियों का विवरण देते हुए लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई की स्थापना की चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए सरकार ने विरोध के बावजूद 200 एकड़ जमीन मुफ्त दी, जिससे लगभग 500 आईटीआई और इंजीनियरिंग छात्रों को रोजगार मिला। उन्होंने कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण ही आज राज्य के युवाओं को अवसर मिल रहे हैं और ब्रह्मोस की बिक्री से सरकार को करीब 65 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व भी प्राप्त हुआ है।

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