उत्तर प्रदेश को देश का नंबर एक राज्य, नंबर एक अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य : योगी आदित्यनाथ

Yogi Adityanath
योगी ने कहा कि लोगों के जीवन को सहज और सरल बनाने के साथ जीवन स्तर में सुधार लाने वाली योजनाओं जैसे ओडीओपी (एक जिला-एक उत्‍पाद), विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और स्‍वामित्‍व योजना को तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने जन शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्‍तारण के लिए ऑनलाइन व्यवस्था विकसित किये जाने पर जोर दिया।

लखनऊ|  उत्तर प्रदेश में विकास और समृद्धि को गति देने के इरादे से मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ 100 दिन की कार्ययोजना पर मंथन किया और कहा कि ‘‘हमारे समक्ष उत्तर प्रदेश को देश का नंबर एक राज्य और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को देश की नंबर एक अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है।’’

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार की शाम लोक भवन (मुख्यमंत्री कार्यालय) में दोनों उप मुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत मंत्रिमंडल के सहयोगियों के समक्ष शासन की 100 दिन की कार्य योजना का प्रस्तुतीकरण मुख्‍य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने किया।

यहां जारी सरकारी बयान के अनुसार, इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि शासन के सभी विभागों को 10 सेक्टर में विभाजित कर लक्ष्य निर्धारित करते हुए कार्ययोजना तैयार की जाए तथा एक सप्ताह बाद इनका प्रस्तुतीकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि लक्ष्यों को तय करते समय व्यावहारिक और आर्थिक पहलुओं का भी ध्यान रखा जाए।

राज्य में विकास और समृद्धि की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा करते हुए योगी ने कहा कि सभी विभाग 100 दिन, छह माह एवं वार्षिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए विस्तृत एवं व्यवहारिक कार्य योजना बनाएं। उन्होंने कार्य योजना के माध्‍यम से लोक कल्याण संकल्प पत्र-2022 (विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र) के बिंदुओं एवं भारत सरकार की योजनाओं को भी आगे बढ़ाने पर बल दिया।

योगी ने कहा कि लोगों के जीवन को सहज और सरल बनाने के साथ जीवन स्तर में सुधार लाने वाली योजनाओं जैसे ओडीओपी (एक जिला-एक उत्‍पाद), विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और स्‍वामित्‍व योजना को तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने जन शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्‍तारण के लिए ऑनलाइन व्यवस्था विकसित किये जाने पर जोर दिया।

सरकारी बयान के अनुसार शासन के विभिन्न विभागों को 10 सेक्टर-कृषि उत्पादन, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, सामाजिक सुरक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास, नगरीय विकास, पर्यटन एवं संस्कृति, शिक्षा, राजस्व संग्रह एवं अन्य सेक्टर में विभक्त किया गया है।

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