Achanakmar Tiger Reserve में बाघिन के हमले से युवक की मौत, मुंगेली का मामला

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में स्थित अचानकमार बाघ अभयारण्य के लोरमी बफर क्षेत्र में वनोपज बीनने गए 25 वर्षीय धरमजीत धृतलहरे पर सोमवार सुबह एक हिंसक वन्यजीव ने हमला कर दिया। साथियों द्वारा घायल अवस्था में गांव लाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। वन विभाग के अनुसार इलाके में शावकों के साथ बाघिन की मौजूदगी दर्ज की गई है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में अचानकमार बाघ अभयारण्य (एटीआर) के लोरमी बफर क्षेत्र में कथित तौर पर बाघिन के हमले में 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, बांधा गांव निवासी धरमजीत धृतलहरे सोमवार सुबह चार अन्य ग्रामीणों के साथ अभयारण्य के प्रतिबंधित क्षेत्र में गया था।
वन विभाग के मुताबिक, पहाड़ पर किसी हिंसक वन्यजीव ने धरमजीत पर हमला कर दिया। विभाग ने बताया कि घायल अवस्था में उसे गांव लाया जा रहा था कि तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, धरमजीत और उसके साथी जंगल में पिहरी, करील और पुटू एकत्र करने गए थे।
उन्होंने बताया कि पाड़ा डोंगरी के पास उन्होंने एक बाघिन को दो-तीन शावकों के साथ देखा और बाघिन को अपनी ओर आते देख चारों साथी भाग गए जबकि धरमजीत गिर पड़ा और बाघिन ने उस पर हमला कर दिया। वन विभाग ने बताया कि बचाव दल को मौके पर गंभीर रूप से घायल धरमजीत मिला और प्रारंभिक जांच में गर्दन पर गंभीर चोट के निशान पाए गए। अचानकमार बाघ अभयारण्य की फील्ड डायरेक्टर प्रियंका पांडेय ने बताया कि इलाके में बाघों की आवाजाही बनी हुई है और एक बाघिन को शावकों के साथ देखा गया है।
उन्होंने बताया कि ऐसे में युवक की मौत बाघिन या उसके शावकों के हमले से होने की आशंका है। अधिकारी ने बताया कि वन विभाग घटना और वन्यजीव की पहचान की जांच कर रहा है। उन्होंने बताया कि 15 जून से 31 अक्टूबर तक बाघ अभयारण्य के वन क्षेत्रों में प्रवेश प्रतिबंधित है और ग्रामीणों को वनोपज संग्रहण के लिए क्षेत्र में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है।
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