Lata Mangeshkar Birth Anniversary: 36 भाषाओं में गाए 50 हजार से ज्यादा गाने, ऐसे स्वर कोकिला बनीं लता मंगेशकर

स्वर कोकिला लता मंगेशकर का 28 सितंबर को जन्म हुआ था। उन्होंने संगीत जगत में अमिट छाप छोड़ी है। लता मंगेशकर की आवाज इतनी सुरीली थी कि उन्हें 'भारत कोकिला', 'स्वर-साम्राज्ञी' और 'स्वर कोकिला', जैसे नाम भी दिए गए।
आज ही के दिन यानी की 28 सितंबर को स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जन्म हुआ था। भले ही लता मंगेशकर हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी सुरीली आवाज आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। लता मंगेशकर की आवाज ही उनकी पहचान थी और वह हमेशा बनी रहेगी। उन्होंने बेहद छोटी उम्र से काम करना शुरूकर दिया था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर लता मंगेशकर के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
इंदौर के मराठी परिवार में 28 सितंबर 1929 को लता मंगेशकर का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम पंडित दीनदयाल मंगेशकर और मां का नाम श्रीमती माई थी। इनके पिता रंगमंच के कलाकार और गायक थे, ऐसे में लता को भी संगीत विरासत में मिला था। वहीं उनकी अभिनय में भी दिलचस्पी थी। लता मंगेशकर ने 5 साल की उम्र में पहली बार एक नाटक में अभिनय किया था।
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सिंगिंग करियर
लता मंगेशकर के कंधों पर कम उम्र से ही परिवार की जिम्मेदारी आ गई थी। जब लता 13 साल की थीं, तो उनके पिता का निधन हो गया, ऐसे में 14 साल की उम्र से लता मंगेशकर ने फिल्मों में हीरो या हीरोइन की बहन का रोल करना शुरूकर दिया। इसके अलावा उन्होंने संगीत की शिक्षा भी जारी रखी। सिंगिंग करियर की बात करें, तो उन्होंने 13 साल की उम्र में फिल्म 'पहिली मंगलागौर' से अपना सफर शुरू किया था, जिसके लिए लता मंगेशकर को 25 रुपए मिले थे।
इसके बाद साल 1942 में उन्होंने मराठी फिल्म 'किता हसाल' के लिए गाना गया था। लेकिन उनको पहचान फिल्म 'महल' के गाने 'आएगा आने वाला' से मिली थी। उन्होंने दुनियाभर की करीब 36 भाषाओं में 50 हजार से ज्यादा गाने गाए थे।
कभी स्कूल नहीं गईं लता मंगेशकर
आपको जानकर हैरानी होगी कि लता मंगेशकर सिर्फ एक दिन के लिए स्कूल गई थीं। दरअसल, जब वह पहले दिन अपनी छोटी बहन आशा भोसले को स्कूल लेकर गईं। तो टीचर ने आशा को स्कूल से यह कहकर निकाल लिया कि उनको भी फीस देनी होगी। ऐसे में लता ने निश्चय किया कि वह कभी स्कूल नहीं जाएंगी। हालांकि बाद में लता मंगेशकर को न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी सहित 6 यूनिवर्सिटीज में मानक उपाधि से नवाजा गया था।
गिनीज बुक में दर्ज हुआ लता का नाम
साल 1974 में लंदन के फेमस रॉयल अल्बर्ट हॉल में लता मंगेशकर को पहली भारतीय गायिका के रूप में गाने का मौका मिला था। साल 1974 में दुनिया में सबसे ज्यादा गीत गाने का 'गिनीज बुक रिकॉर्ड' लता मंगेशकर के नाम पर दर्ज किया गया था।
1974 में लंदन के सुप्रसिद्ध रॉयल अल्बर्ट हॉल में लता मंगेशकर को पहली भारतीय गायिका के रूप में गाने का अवसर प्राप्त हुआ। सन 1974 में दुनिया में सबसे अधिक गीत गाने का 'गिनीज बुक रिकॉर्ड' उनके नाम पर दर्ज किया गया था।
लता मंगेशकर ने रखा था मौन व्रत
60 के दशक में लता को वोकल कॉर्ड्स में तकलीफ के चलते वे गा नहीं पा रही थीं। तब उन्होंने कुछ महीनों का ब्रेक लिया और मौन व्रत रखा। लेकिन हेमंत कुमार को फिल्म 'बीस साल बाद' के लिए लता की आवाज चाहिए थी। जिसके लिए उन्होंने लता को राजी किया और इस फिल्म का गाना 'कहीं दीप जले, कहीं दिल' गाना सुपरहिट हुआ। इसके लिए लता मंगेशकर को बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था।
मृत्यु
वहीं 06 फरवरी 2022 में 92 साल की उम्र में लता मंगेशकर ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था।
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