आखिरी सांस तक देश की सेवा में लगे रहे जांबाज जनरल बिपिन रावत

आखिरी सांस तक देश की सेवा में लगे रहे जांबाज जनरल बिपिन रावत

जनरल बिपिन रावत भारतीय सेनाध्यक्ष के तौर पर अपना 3 साल का कार्यकाल पूरा करके 31 दिसंबर को रिटायर हुए जिसके बाद वो चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद संभाला. 62 साल के उम्र में बिपिन रावत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद पर नियुक्त हुए।

बिपिन रावत का जन्म उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में हुआ। रावत ने ग्यारहवीं गोरखा राइफल की पांचवी बटालियन से 1978 में अपने करियर की शुरुआत की थी। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ हैं। उन्होंने 1 जनवरी 2020 को यह पद संभाला। रावत 31 दिसंबर 2016 से 31 दिसंबर 2019 तक सेना प्रमुख के पद पर रहे। पिता लेफ्टिनेंट जनरल लक्ष्मण सिंह रावत, जो सेना से लेफ्टिनेंट जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए। 31 दिसंबर 2016 से 31 दिसंबर 2019 तक थल सेनाध्यक्ष के पद पर रहे। जनरल बिपिन रावत भारतीय सेनाध्यक्ष के तौर पर अपना 3 साल का कार्यकाल पूरा करके 31 दिसंबर को रिटायर हुए जिसके बाद वो चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद संभाला. 62 साल के उम्र में बिपिन रावत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद पर नियुक्त हुए।

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जनरल बिपिन रावत के जीवन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां- 

- बिपिन रावत का जन्म उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में हुआ। 

- पिता लेफ्टिनेंट जनरल लक्ष्मण सिंह रावत थे जो कई सालों तक भारतीय सेना का हिस्सा रहे। 

- 2011 में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से सैन्य मीडिया अध्ययन में पीएचडी। 

- जनरल बिपिन रावत इंडियन मिलिट्री एकेडमी और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में पढ़ चुके हैं। इन्होंने मद्रास यूनिवर्सिटी से डिफेंस सर्विसेज में एमफिल की है। 

- देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से रक्षा एवं प्रबन्ध अध्ययन में एम फिल की डिग्री।

- मद्रास विश्वविद्यालय से स्ट्रैटेजिक और डिफेंस स्टडीज में भी एम फिल।

- बिपिन रावत ने भारतीय सैन्य अकादमी से स्नातक उपाधि प्राप्त की है।

- आई एम ए देहरादून में इन्हें 'सोर्ड ऑफ़ ऑनर' से सम्मानित किया गया था। 

- दिसंबर 1978 में भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से ग्यारह गोरखा राइफल्स की पांचवीं बटालियन में नियुक्त किया गया था, जहां उन्हें 'स्वॉर्ड ऑफ़ ऑनर 'से सम्मानित किया गया था।

- पूर्वी क्षेत्र में एक इन्फैंट्री बटालियन की कमान संभाली। 

- एक राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर और कश्मीर घाटी में एक इन्फैंट्री डिवीजन की भी कमान संभाली है ।

- उन्हें वीरता और विशिष्ट सेवाओं के लिए यूआईएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, एसएम के साथ सम्मानित किया जा चुका है। 

- पिता लेफ्टिनेंट जनरल लक्ष्मण सिंह रावत, जो सेना से लेफ्टिनेंट जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए। 

- आतंकवाद रोधी अभियानों में काम करने का 10 वर्षों का अनुभव है।

- 31 दिसंबर 2016 से 31 दिसंबर 2019 तक थल सेनाध्यक्ष के पद पर रहे। 

- जनरल बिपिन रावत भारतीय सेनाध्यक्ष के तौर पर अपना 3 साल का कार्यकाल पूरा करके 31 दिसंबर को रिटायर हुए जिसके बाद वो चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद संभाला। 

- उन्होंने 1 जनवरी 2020 को यह पद संभाला। रावत 31 दिसंबर 2016 से 31 दिसंबर 2019 तक सेना प्रमुख के पद पर रहे।

- 62 साल के उम्र  में बिपिन रावत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद पर नियुक्त हुए।

- उन्हें वीरता और विशिष्ट सेवाओं के लिए यूआईएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, एसएम के साथ सम्मानित किया जा चुका है।