इस बॉलीवुड एक्टर को पाकिस्तान आने पर परवेज मुशर्रफ ने कर दिया था बैन...

Feroz Khan
Prabhasakshi
निधि अविनाश । Sep 25 2022 8:22AM

25 सितंबर 1939 को फिरोज खान का जन्म बंगलुरु के पठान परिवार में हुआ। फिरोज के पिता अफगान मूल के थे और मां ईरानी थी। एक्टिंग के लिए वह मुबंई पहुंचे और कुछ सालों के अंदर ही वह सुपरहीट हीरो बन गए। फिरोज खान का खानदान गजनी का रहने वाला था।

फिरोज खान का नाम सुनते ही आंखों के सामने एक समार्ट चेहरा लंबे चौड़े, सूट-बूट, सिर पर हैट और जैकेट पहनने वाले हैंडसम से शख्स का चेहरा सामने नजर आ जाता है। 70 के दशक के बॉलीवुड आइकन कहे जाने वाले फिरोज खान का एक अलग ही अंदाज था। उनके यूनिक स्टाइल और बेबाकी के लिए आज भी उन्हें याद किया जाता है। उनका डायलॉग बोलने का अंदाज ऐसा होता था कि लड़कियां उनपर फिदा हो जाती थी और स्टाइल ऐसा की आज तक उनका कोई मुकाबला नहीं कर सकता। उन्हें हीरो के रोल के साथ-साथ खलनायक के रोल में भी काफी ज्यादा पसंद किया गया। 

25 सितंबर 1939 को फिरोज खान का जन्म बंगलुरु के पठान परिवार में हुआ। फिरोज के पिता अफगान मूल के थे और मां ईरानी थी। एक्टिंग के लिए वह मुबंई पहुंचे और कुछ सालों के अंदर ही वह सुपरहीट हीरो बन गए। फिरोज खान का खानदान गजनी का रहने वाला था। उनके बेबाक अंदाज के कारण ही उन्होंने बॉलीवुड में सालों तक राज किया।

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फिरोज खान ने 1960 में फिल्म दीदी से बॉलीवुड इंडस्ट्री में डेब्यू किया। उसके बाद उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में काम करना जारी रखा। फिरोज की किस्मत 70 के दशक में बदली और इस दौरान उन्हें एक से एक सुपरहीट फिल्मों में काम करने का मौका मिला जिससे उनकी एक अलग पहचान बनने लगी। 1969 में आई फिल्म आदमी और इंसान के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।

1980 में आई फिरोज खान की फिल्म कुर्बानी सबसे सुपरहीट रही और इसी के बाद बाद उन्होंने डायरेक्शन में अपना परचम लहराया। अपने करियर के अंतिम पड़ाव में उन्होंने खलनायक के किरदार निभाए। फिरोज खान ने अक्षय कुमार की फिल्म वेलकम में खलनायक का किरदार निभाया। 

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जब पाकिस्तान ने कर दिया था बैन

फिरोज खान हमेशा से अपनी बेबाकी बयानों के लिए जाने जाते थे जिसके कारण पाकिस्तान के जनरल परवेज मुशर्रफ ने उनके पाकिस्तान आने पर बैन लगा दिया था और उन्हें ब्लैक लिस्ट तक कर दिया था। दरअसल, फिरोज जब अपने भाई अकबर खान की फिल्म ताजमहल को प्रमोट करने के लिए पाकिस्तान के लाहौर गए थे तो उन्होंने वहां पर भारत और पाकिस्तान के मुसलामानों की स्थिति को लेकर टिप्पणी की थी। एक कार्यक्रम में उनसे मुसलमानों की हालत के बारे में पूछा गया था। जिसके जवाब में फिरोज ने कहा था कि 'भारत धर्म निरपेक्ष देश है। हमारे यहां मुसलमान प्रगति कर रहे हैं। हमारे राष्ट्रपति मुस्लिम हैं, प्रधानमंत्री सिख हैं।

पाकिस्तान इस्लाम के नाम पर बनी थी लेकिन देखिए यहां उनकी कैसी हालत है। एक-दूसरे को मार रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा था कि 'यहां मैं खुद से नहीं आया हूं। मुझे यहां आने के लिए निमंत्रण दिया गया था। हमारी भारतीय फिल्में इतनी प्रभावशाली होती हैं कि आपकी सरकार उसे ज्यादा वक्त के लिए रोक नहीं सकतीं।' खबरों के मुताबिक, उस कार्यक्रम में 1000 के करीब लोग मौजूद थे। उनके इस बयान से पाकिस्तान में काफी बवाल मच गया था। बता दें कि ये मामला साल 2016 का है जब देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह थे और राष्ट्रपति पद पर एपीजे अब्दुल कलाम थे।

- निधि अविनाश

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