Henry Ford Death Anniversary: हेनरी फोर्ड को कहा जाता था 'रफ्तार का सौदागर', जानिए कैसे रखी 'फोर्ड कंपनी' की नींव

Henry Ford
Prabhasakshi
Ananya Mishra । Apr 7 2024 12:05PM

महज 16 साल की उम्र में हेनरी फोर्ड अपना घर छोड़कर डिट्रॉइट चले गए। यहां पर उन्होंने कई कारखानों में काम किया और यांत्रिक शिक्षा का ज्ञान लिया। फिर साल 1886 में जब यह अपने घर वापस आए, तो पिता द्वारा दी गई जमीन पर बस गए और वहीं पर मशीन की मरम्मत करने का एक कारखाना खोला।

आज ही के दिन यानी की 07 अप्रैल को फोर्ड मोटर कंपनी के संस्थापक हेनरी फोर्ड का निधन हो गया था। वह एक अमेरिकी उद्योगपति और व्यवसायी थे। जिन्होंने फोर्ड मोटर कंपनी की स्थापना की थी। हेनरी फोर्ड आधुनिक युग की भारी मात्रा में उत्पादन के लिए प्रयुक्त असेम्बली लाइन के जनक थे। उन्होंने 'मॉडल टी' नामक गाड़ी निकाली, जिसने यातायात और अमेरिकी उद्योग में क्रांति लाने का काम किया। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर हेनरी फोर्ड के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में।

जन्म और परिवार

मिशिगन राज्य के डीयरबार्न नामक जगह पर 30 जुलाई 1863 को हेनरी फोर्ड का जन्म हुआ था। इनके पिता आयरलैंड के निवासी थे। लेकिन साल 1847 के आसपास वह अपने परिवार के साथ अमेरिका के डीयरबार्न में आकर बस गए और खेती का कार्य करने लगे। वहीं 15 साल की उम्र तक स्कूली शिक्षा पाने के बाद हेनरी भी अपने पिता के साथ खेतों में काम करने लगे। लेकिन फोर्ड को शुरूआत से ही यंत्रों के प्रति कौतूहल और आकर्षण रहा। पिता के मना करने के बाद भी हेनकी पड़ोसियों और अन्य लोगों की घड़ियां व अन्य यंत्रों की फ्री में मरम्मत करते थे।

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कॅरियर

महज 16 साल की उम्र में हेनरी फोर्ड अपना घर छोड़कर डिट्रॉइट चले गए। यहां पर उन्होंने कई कारखानों में काम किया और यांत्रिक शिक्षा का ज्ञान लिया। फिर साल 1886 में जब यह अपने घर वापस आए, तो पिता द्वारा दी गई जमीन पर बस गए और वहीं पर मशीन की मरम्मत करने का एक कारखाना खोला। लेकिन यंत्रों की तरफ विशेष रूप से आकर्षित होने के कारण यह अपने घर पर टिक न सके और फिर डिट्रॉइट चले गए।

जिसके बाद साल 1860 में हेनरी ने डिट्रॉइट एडिसन इलेक्ट्रिक कंपनी में काम करना शुरूकर दिया। साल 1893 में हेनरी फोर्ड ने पेट्रोल से चलने वाली पहली गाड़ी बनाई, जो 25 मील प्रति घंटा की रफ्तार से चलती थी। इसके बाद उन्होंने दूसरी गाड़ी बनानी शुरूकर दी। फिर साल 1899 में हेनरी फोर्ड ने इलेक्ट्रिक कंपनी की नौकरी छोड़कर डिट्रॉइट ऑटोमोबाइल कंपनी की स्थापना की। उसके बाद उन्होंने इस कंपनी को भी छोड़ दिया और रेस में हिस्सा देने वाली गाड़ियां बनाना शुरू कर दिया।

फोर्ड मोटर कंपनी की स्थापना

हांलाकि हेनरी की इन गाड़ियों ने कई रेसों में सफलता भी पाई, जिससे हेनरी का काफी नाम हुआ। इस प्रसिद्धि के चलते साल 1903 में 28,000 डॉलर के साथ हेनरी ने 'फोर्ड कंपनी' की स्थापना की। कंपनी की स्थापना के पहले साल फोर्ड मोटर कंपनी ने दो सिलिंडर तथा आठ अश्वशक्तिवाली 1708 गाड़ियां बनाईं। इन कारों की बिक्री से कंपनी को काफी ज्यादा फायदा हुआ और दूसरे साल कंपनी ने करीब 5000 गाड़ियों की बिक्री की।

हेनरी फोर्ड इस कंपनी के अध्यक्ष बन गए और अपने एकमात्र पुत्र एडसेल ब्रायंट फोर्ड सहित पूरी कंपनी के मालिक हो गए। बता दें कि साल 1924 तक हेनरी की कंपनी ने 20 लाख गाड़ियां, ट्रक और ट्रैक्टर आदि बनाएं। वहीं साल 1931 तक हेनरी के सभी कारखानों में निर्मित गाड़ियों की संख्या करीब 2 करोड़ के आसपास पहुंच गई। हेनरी पूंजी उत्पादन के पक्षपाती थे, लेकिन उनका मानना था कि उद्योग को इस तरह से विकेंद्रित करना चाहिए कि खेती के साथ कारखानों का भी का चले।

मृत्यु

हेनरी फ़ोर्ड ने कार निर्माण के लिए जो असेंबली लाइन स्थापित की थी, उसने ऑटोमोबाइल की दुनिया में क्रांति लाने का काम किया। इस तरह से वह गाड़ियों की दुनिया में अमर हो गए हैं। वहीं 07 अप्रैल 1947 को हेनरी फोर्ड का निधन हो गया।

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