पिता का नाम कैसे मिट्टी में मिलाया जाता है इसकी मिसाल बन गये हैं आकाश विजयवर्गीय

By दिनेश शुक्ल | Publish Date: Jul 3 2019 2:37PM
पिता का नाम कैसे मिट्टी में मिलाया जाता है इसकी मिसाल बन गये हैं आकाश विजयवर्गीय
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कैलाश विजयवर्गीय ने पूरी घटना पर कहा है कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे लगता है कि दोनों तरफ से बुरा व्यवहार किया गया। कच्चे खिलाड़ी हैं आकाश जी भी और नगर निगम कमिश्नर। यह कोई बहुत बड़ा मुद्दा नहीं है लेकिन इसे बड़ा बना दिया गया।

भारतीय जनता पार्टी की संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह कह कर सबको चौंका दिया कि अमर्यादित अथवा अहंकारी आचरण करने वाला व्यक्ति चाहे किसी का भी बेटा हो उसे पार्टी से निकाल देना चाहिए। उन्होंने यह बात इंदौर-तीन से विधायक और बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय को लेकर कही। दरअसल पिछले दिनों आकाश विजयवर्गीय ने इंदौर नगर निगम के कर्मचारी पर बल्ला चला दिया था। नगर निगम कर्मचारी उस समय बरसात के दौरान जर्जर हो रही इमारत को तोड़ने के लिए नगर निगम अमले के साथ था। नगर निगम के इस कार्मचारी पर आकाश विजयवर्गीय द्वारा बल्ला चलाए जाने की घटना मोबाईल में कैद हो गई और सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई। जिसके बाद आकाश विजयवर्गीय पर एफआईआर दर्ज हुई और उन्हें जेल की हवा खानी पड़ी लेकिन भोपाल स्थित विशेष कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया।


इंदौर में हुई घटना के बाद मध्य प्रदेश के दमोह में भारतीय जनता युवा मोर्चा कार्यकर्ता सरकारी दफ्तर में बल्ला लेकर पहुँच गया और अपनी यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी यही नहीं सतना जिला पंचायत दफ्तर में जिला पंचायत सीईओ पर बीजेपी कार्यकर्ताओं सहित जिला पंचायत अध्यक्ष ने जमकर मारपीट की। इंदौर में हुई घटना के बाद बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने अपने विधायक बेटे के बचाव में जमकर बयानबाजी की। इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि उनका बेटा कच्चा खिलाड़ी है। कैलाश विजयवर्गीय ने पूरी घटना पर कहा है कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे लगता है कि दोनों तरफ से बुरा व्यवहार किया गया। कच्चे खिलाड़ी हैं आकाश जी भी और नगर निगम कमिश्नर। यह कोई बहुत बड़ा मुद्दा नहीं है लेकिन इसे बड़ा बना दिया गया। 
 
लेकिन भोपाल जिला कोर्ट में विशेष अदालत से मिली जमानत के बाद विधायक आकाश विजयवर्गीय के शहर में होर्डिंग तथा पोस्टर लग गए और उनकी रिहाई की खुशी में कार्यकर्ताओं ने हर्ष फायर भी किए। आकाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर इस पूरी घटना की सीबीआई जाँच करवाने की माँग भी की। यही नहीं उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सज्जन सिंह वर्मा पर आरोप लगाते हुए इस घटना के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया और सीएम कमलनाथ से सीबीआई जाँच की माँग करवाने का आग्रह किया।
 
आकाश विजयवर्गीय के जानने वालों की बात करें तो उनका साफ तौर पर कहना है कि आकाश विजयवर्गीय बहुत सीधे साधे व्यक्ति हैं। यही नहीं अपने विधानसभा क्षेत्र में लोगों के हर दुख दर्द में शामिल होने वाले विधायक के रूप में उन्हें देखा जाता है। टीवी और मीडिया रिपोर्टों में भी आकाश विजयवर्गीय को लेकर इंदौर की जनता ने भी उनका समर्थन किया था। सीधे सौम्य व्यक्तित्व के चलते आकाश विजयवर्गीय को बहुत से लोग पसंद करते हैं। लेकिन नगर निगम कर्मचारी के साथ हुए विवाद के बाद उनकी छवि को कहीं न कहीं बट्टा लगा है।


जबकि राजनीति के चतुर खिलाड़ी के रूप में विधायक आकाश विजयवर्गीय के पिता और बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की छवि एक तेज तर्रार नेता के रूप में पहचानी जाती है। हरियाणा और बंगाल में प्रभारी रहते उन्होंने बीजेपी को आप्रत्याशित जीत दिलाई है। यही नहीं इंदौर शहर में उनका एक अलग ही रूतबा देखने को मिलता है। शायद इंदौर में एक कहावत इसीलिए प्रसिद्ध है कि इंदौर में ताई और भाई दोनों की चलती है। ताई यानि लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और भाई यानि कैलाश विजयवर्गीय। लोकसभा चुनाव में टिकिट न मिलने से सुमित्रा ताई की राजनीतिक जमीन कहीं न कहीं जाती रही है लेकिन वर्तमान दौर में भाई यानि कैलाश विजयवर्गीय की राजनीतिक जमीन इस लोकसभा चुनाव में उतनी ही मजबूत हुई है। यही कारण है कि उन्होंने अपने विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय को कच्चा खिलाड़ी बताया।


 
-दिनेश शुक्ल
 

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