बंगाल में भारतीय शिक्षा-दृष्टि को बल देने की अनुकरणीय घोषणा
विद्यालय खोलना अपेक्षाकृत आसान है, लेकिन अच्छे शिक्षक, प्रशिक्षित प्रधानाचार्य, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं, डिजिटल संसाधन और गुणवत्तापूर्ण पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराना कहीं अधिक कठिन कार्य है। इसलिए इस पहल की सफलता संख्या से नहीं, शिक्षा की गुणवत्ता से मापी जानी चाहिए।



























































