मोदी को फिर PM बनाने के लिए योगी का वापस आना क्यों जरूरी ? कांग्रेस से नाराज क्यों प्रशांत किशोर ?

मोदी को फिर PM बनाने के लिए योगी का वापस आना क्यों जरूरी ? कांग्रेस से नाराज क्यों प्रशांत किशोर ?

हाल में ही राहुल गांधी पर प्रशांत किशोर के बयान को लेकर मचे राजनीतिक बवाल पर भी हमने चर्चा की। इस सवाल के जवाब में नीरज दुबे ने माना कि कहीं ना कहीं प्रशांत किशोर कांग्रेस की अंदरूनी कमजोरी को जान चुके हैं और यही कारण है कि अब वह लगातार ग्रैंड ओल्ड पार्टी पर निशाना साध रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। इन सब के बीच गृह मंत्री अमित शाह उत्तर प्रदेश पहुंचे जहां उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के समक्ष 300 प्लस सीटें जीतने का लक्ष्य रखा। साथ ही साथ ही यह भी कह दिया कि अगर 2024 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना है तो 2022 में योगी आदित्यनाथ को जिताना होगा। इसी विषय को लेकर हमने प्रभात साक्ष्य के खास कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में चर्चा की जिसमें मौजूद रहे प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे। नीरज दुबे ने कहा कि अमित शाह ने अपने एक बयान से कई संदेश दे दिए। पहला संदेश तो यही है कि 2024 में भी भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ेगी। इसके अलावा दूसरा संदेश यह है कि भले ही योगी आदित्यनाथ को लेकर कोई भी चर्चा हो लेकिन पार्टी उन्हीं के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का चुनाव लड़ेगी और जीतने पर योगी ही मुख्यमंत्री बनेंगे।

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इसके अलावा नीरज दुबे ने यह भी माना कि कहीं ना कहीं अमित शाह ने अपने इस बयान से यह भी स्पष्ट कर दिया कि पार्टी उत्तर प्रदेश चुनाव में यूपी सरकार के कामकाज के साथ-साथ नरेंद्र मोदी के कामकाज के दम पर भी चुनावी मैदान में उतरेगी। नीरज दुबे ने माना कि अमित शाह का यह दौरा अपने आप में काफी अहम है। उनके इस बयान से साफ है कि विधानसभा चुनावों में भाजपा योगी की अपेक्षा मोदी सरकार की उपलब्धियों के नाम पर ही वोट मांगने वाली है और चुनावों में मोदी का नेतृत्व ही सबसे बड़ा मुद्दा होगा। अमित शाह ने साथ ही अपने इस बयान से उत्तर प्रदेश में नेतृत्व के मुद्दे पर भी स्पष्टीकरण दे दिया है। भले ही सभी पार्टियां चुनावी स्टंट अपनाने शुरू कर दिए हैं लेकिन भाजपा जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ को मजबूत करने की कोशिश में है। कई केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता उत्तर प्रदेश में चुपचाप काम कर रहे हैं। 

दूसरी ओर हाल में ही राहुल गांधी पर प्रशांत किशोर के बयान को लेकर मचे राजनीतिक बवाल पर भी हमने चर्चा की। इस सवाल के जवाब में नीरज दुबे ने माना कि कहीं ना कहीं प्रशांत किशोर कांग्रेस की अंदरूनी कमजोरी को जान चुके हैं और यही कारण है कि अब वह लगातार ग्रैंड ओल्ड पार्टी पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर जानते हैं कि राहुल गांधी विपक्ष को एकजुट करने में उतने सक्षम नहीं हैं जितनी ममता बनर्जी हैं। राष्ट्रीय स्तर पर ममता बनर्जी को प्रमोट करने में जुटे हुए हैं और यही कारण है कि अब वह कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं। साथ ही साथ ही इस बात पर भी चर्चा की गयी कि क्यों प्रशांत किशोर कांग्रेस से नाराज दिख रहे हैं। आखिर ऐसा क्या हो गया कि जो प्रशांत किशोर कल तक राहुल गांधी और सोनिया गांधी के साथ बैठकें कर रहे थे वह अचानक कहने लग गये कि राहुल गांधी गलतफहमी में जी रहे हैं?

आप तो पांच हजार रुपये देने से भी चूक गये अखिलेश बाबू: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी की सदस्यता अभियान की शुरुआत की और विपक्षी दलों खास कर सपा पर निशाना साधा और कहा कि ये अखिलेश एंड कंपनी हमें ताने मारती थी कि मंदिर वहीं बनाएंगे तिथि नहीं बताएंगे लेकिन अब तो मंदिर की नींव डाल दी। आप तो पांच हजार रुपये देने से भी चूक गये अखिलेश बाबू। कार्यकर्ताओं को उत्साहित करते हुए उन्होंने कहा, आप (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी को आशीर्वाद देते हैं, वोट देते हैं तो वह तीन गुना वापस लौटाते हैं। किसी को कल्पना नहीं थी कि अयोध्या में राम मंदिर बनेगा लेकिन मोदी ने शिलान्यास कर दिया। हम राम लला का मंदिर वहीं बनाएंगे। शाह ने कहा ये अखिलेश एंड कंपनी हमें ताने मारती थी कि मंदिर वहीं बनाएंगे, तिथि नहीं बताएंगे लेकिन अब तो मंदिर की नींव डाल दी। आप तो पांच हजार रुपये (मंदिर के लिए सहयोग राशि) देने से भी चूक गये अखिलेश बाबू। शाह ने कहा कि मैं याद दिलाने आया हूं कि आपकी पार्टी (सपा) की सरकार थी जिसने राम भक्तों को गोलियों से भून दिया। यही फर्क है परिवारवादी पार्टियां और भाजपा में। उन्होंने कहा भाजपा का वादा था कि कश्मीर से 370 हटाएंगे और इसके लिए हमारे पहले अध्यक्ष श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर की धरती पर बलिदान दिया। हर बार हम घोषणा पत्र में इसे रखते और सोचते कब पूरा होगा। 2019 में पूर्ण बहुमत मिला और हमने अनुच्छेद 370 और 35 ए को उखाड़ फेंका। भारत माता का मुकुट मणि आज हमेशा के लिए भारत के साथ जुड़़ गया और भारत का अभिन्न अंग बन गया। शाह ने सपा और बसपा के साथ गांधी और वाद्रा परिवार पर भी हमला बोला। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि गांधी वाद्रा परिवार सुने, इसके लिए हिसाब लेकर आया हूं। कुछ ऐसे होते हैं जो चुनावी मेंढक की तरह चुनाव के वक्त बाहर आते हैं। विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा, उप्र में कई साल तक सपा और बसपा, बसपा और सपा का खेल चलता रहा और इस खेल ने उत्तर प्रदेश को बबार्द कर दिया। पश्चिमी उप्र में कैराना से पलायन शुरू हुआ था और यहां लखनऊ में हुक्मरानों की नींद नहीं उड़ती थी। 

मोदी को 2024 में प्रधानमंत्री बनाना है तो 2022 में योगी को फिर मुख्यमंत्री बनाना होगा: शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अगले वर्ष के शुरु में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर तमाम अटकलें खारिज करते हुए कहा कि अगर 2024 में (नरेंद्र) मोदी को प्रधानमंत्री बनाना है तो 2022 में एक बार फ‍िर योगी (आदित्यनाथ) को मुख्यमंत्री बनाना होगा। लखनऊ में आज शाह ने मेरा परिवार-भाजपा परिवार नारे के साथ भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान की शुरुआत की। उन्होंने अवध क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक / प्रभारियों को संबोधन में कहा कि भाजपा के लोग जब कमल का झंडा और नारा लेकर चलते हैं तो विपक्षी दलों के दिल दहल जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव भारत माता को विश्व गुरु बनाने का चुनाव है। दीपावली के बाद चुनाव अभियान जोर पकड़ेगा और समर्पण दिखाते हुए कार्यकर्ता इसमें जुट जाएं। शाह ने कहा 2022 में एक बार फ‍िर भाजपा को 300 से अधिक सीटें दीजिये। हम उप्र को देश में नंबर एक राज्य बनाएंगे। मोदी प्रधानमंत्री हैं और वह, उप्र को जो चाहिए, तुरंत देते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव की नींव 2022 का उप्र का विधानसभा चुनाव बनेगा। अभी उप्र में बहुत कुछ करना है। हम फ‍िर से घोषणा पत्र लेकर आएंगे और जो कहेंगे, उसे शत प्रतिशत पूरा करके ही 2027 में फि‍र आपके पास आएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि 2017 के बाद भाजपा ने उप्र को उसकी वास्तविक पहचान दिलाई और प्रदेश को विकास की राह पर आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा ‘‘भाजपा ने दिखाया कि सरकारें परिवार के लिए नहीं, सूबे के सबसे गरीब व्यक्ति के लिए होती हैं।

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शाह ने उप्र चुनाव में कार्यकर्ताओं को 300 सीटें जीतने का लक्ष्य दिया

केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के संदर्भ में मंत्रणा की और सभी से पूरी ताकत के साथ चुनाव अभियान में जुट जाने का निर्देश देते हुये राज्य में तीन सौ से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य दिया। शाह ने इस मौके पर अंत्‍योदय को साकार करता उत्‍तर प्रदेश पुस्‍तक का लोकार्पण भी किया। शुक्रवार को लखनऊ के डिफेंस एक्सपो मैदान सेक्टर-17 वृन्दावन योजना स्थित कार्यक्रम स्थल में अमित शाह ने मेरा परिवार-भाजपा परिवार नारे के साथ भाजपा के सदस्यता अभियान की शुरुआत करने के बाद वरिष्ठ कार्यकर्ताओं, पार्टी के पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक को संबोधित किया। शाह ने कहा कि पिछली बार की तरह इस बार भी विधानसभा चुनाव में 300 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा गया है और यह आप सबके प्रयास से ही संभव है।

भाजपा अगले कई दशकों तक कहीं नहीं जाने वाली: चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर

रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भारतीय राजनीति के केन्द्र में रहेगी और ‘‘अगले कई दशकों तक यह कहीं जाने वाली नहीं है,’’ चाहे वह जीते या हारे। गोवा में होने वाले विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की जीत की रणनीति तैयार कर रहे किशोर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की इस सोच के लिए उन पर तंज किया कि लोग भाजपा को तत्काल उखाड़ फेंकेंगे। एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें किशोर गोवा में एक निजी बैठक को संबोधित करते नजर आ रहे हैं। इस बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए कांग्रेस ने टीएमसी पर आरोप लगाया कि वह राज्य की राजनीति में इसलिए प्रवेश कर रही है ताकि ‘‘धर्मनिरपेक्ष वोटों को बांट सके और सत्तारूढ़ भाजपा को फायदा पहुंचा सकें।’’ साथ ही पार्टी ने आरोप लगाया कि किशोर के बयान से ममता बनर्जी नीत पार्टी के एजेंडा का भंडाफोड़ हुआ है। इस वीडियो में किशोर यह कहते नजर आ रहे हैं ‘‘भारतीय जनता पार्टी चाहे जीते या हारे, वह राजनीति के केन्द्र में रहेगी, जैसा कि पहले 40 वर्षों में कांग्रेस के लिए था,भाजपा कहीं नहीं जा रही है।’’ उन्होंने कहा कि भारत के स्तर पर एक बार आप 30 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल कर लें, तो फिर आप जल्दी कहीं नहीं जाने वाले। इसलिए, इस जाल में कभी मत फंसना कि लोग मोदी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी)से नाराज हैं और वे उन्हें उखाड़ फेकेंगे। किशोर ने कहा, ‘‘हो सकता है कि वे मोदी को हटा दें, लेकिन भाजपा कहीं नहीं जा रही। वे यहीं रहेंगे , आपको अगले कई दशकों तक इसके लिए लड़ना होगा। यह जल्दी नहीं होगा। चुनाव रणनीतिकार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी के साथ समस्या यही है। शायद वह सोचते हैं कि यह कुछ ही दिनों की बात है कि लोग उन्हें (मोदी को) नकार देंगे। ऐसा नहीं होने जा रहा है। 

कांग्रेस का प्रशांत किशोर पर निशाना: ‘कंसल्टेंट’ की कोई विचारधारा नहीं होती

कांग्रेस ने चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की एक ताजा टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘कंसल्टेंट’ (परामर्शदाता) की कोई विचाराधारा नहीं होती तथा किशोर को दूसरों को भाषण देने से पहले खुद तय कर लेना चाहिए कि वह क्या हैं। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कंसल्टेंट अपने आप को जितना महत्वपूर्ण मानते हैं, अगर मैं और आप भी उनको इतना महत्वपूर्ण मानने लग गए जाएंगे तो फिर देश ये कंसल्टेंट चलाएंगे। उन्होंने किशोर पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या हमने कभी कहा कि देश को भाजपा मुक्त होना चाहिए? कंसल्टेंट की कोई विचारधारा नहीं होती है। आप कंसल्टेंट हो, टेक्नीशियन हो, रणनीतिकार हो..कभी टेबल के इस तरफ, कभी उस तरफ...पहले अपने दिमाग में स्पष्ट कर लीजिए कि आप क्या हो? फिर भाषण दीजिए।

- अंकित सिंह